Google
HomeArth Jagat Arth Jagat

आर्थिक विकास दर 7.2 फीसदी संभव

[an error occurred while processing this directive]

चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर त्त.फ् फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वैसे तो यह रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय की अनुमानित विकास दर से थोड़ी कम है, लेकिन पिछले वर्ष की आर्थिक विकास दर स्त्र.त्त फीसदी के मुकाबले क्.म् फीसदी अधिक है। उधर, खाद्यान्न उत्पादन में आठ फीसदी और तिलहन उत्पादन में पांच फीसदी गिरावट का अनुमान व्यक्त किया गया है। गन्ने के उत्पादन में भी ख्ख्.8 फीसदी कमी रहने का अनुमान है, जबकि कपास उत्पादन क्.फ् फीसदी अधिक रहने का अनुमान है। वहीं, कुल राष्ट्रीय आय की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष के 6.4 फीसदी के मुकाबले 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है।



केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) की ओर से सोमवार को जारी अग्रिम अनुमानों के मुताबिक कृषि क्षेत्र की विकास दर में क्.फ् फीसदी की गिरावट हो सकती है। पिछले वर्ष इसमें ख्.स्त्र फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। उधर मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में 8.9 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। हालांकि, मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र को लेकर इस विकास अनुमान के बाद संभव है कि सरकार उद्योग जगत को दिए गए राहत पैकेजों को क्रमिक रूप से वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दे। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर त्त.9 फीसदी रही थी। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने अपनी मध्यावधि समीक्षा में आर्थिक विकास दर त्त.त्तम् फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया था। उधर, भारतीय रिजर्व बैंक ने आर्थिक विकास दर के त्त.म् फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है।



इस बार में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह आहलूवालिया ने कहा कि नए अनुमानों से स्पष्ट है कि राहत पैकेजों ने अपना असर दिखाया है। अब इन्हें विभिन्न चरणों में वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने अगले वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर के आठ फीसदी तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया। वित्त सचिव अशोक चावला ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए, इसके लिए बजट का इंतजार करना होगा।



चालू वित्त वर्ष के दौरान अच्छी आर्थिक विकास दर मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन के बूते संभव हो रही है। मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की अधिक विकास दर में सरकार के प्रोत्साहन पैकेजों का असर दिखाई दे रहा है। खदान और उत्खन्न के क्षेत्र में 8.त्त फीसदी वृद्धि दर रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह ख्.स्त्र फीसदी रही थी। गैस और पानी सप्लाई की वृद्धि दर ब्.9 फीसदी से बढ़कर इस वर्ष 8.फ् फीसदी हो जाने का अनुमान है। ट्रेड, होटल, परिवहन और संचार में त्त.स्त्र फीसदी के मुकाबले 8.ब् फीसदी वृद्धि दर रहने का अनुमान है। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और बिजनेस सर्विस क्षेत्र की वृद्धि दर ख्क्.ख् फीसदी के मुकाबले चालू वित्त वर्ष में 9.9 फीसदी ही रहने का अनुमान है। सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर में गिरावट पर चावला का कहना है कि अंतिम अनुमान इससे कहीं बेहतर हो सकते हैं।



आर्थिक विकास दर की गणना नए आधार वर्ष फ्क्क्भ्-क्म् पर की गई। इससे पूर्व आर्थिक विकास दर की गणना वर्ष ख्999-फ्क्क्क् को आधार वर्ष मानकर की जाती थी। देश में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर पिछले वर्ष के पांच फीसदी के मुकाबले चालू वित्त वर्ष में 5.4 फीसदी रहने का अनुमान है। यह 31821 रुपये से बढ़कर 33540 रुपये प्रति वर्ष हो जाने का अनुमान है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड:
 

Advt