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Kshetreeya
Ludhiana-Patiyala-Chandigarh Ludhiana-Patiyala-Chandigarh विवादित
पीएयू 201 धान पर पंजाब सरकार ने केंद्र से सफाई मांगी है। धान की यह किस्म पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना की ओर से विकसित की गई है। मिलिंग में इस धान को होने वाले अधिक नुकसान के आरोपों के चलते मिलर्स इसकी मिलिंग करने को तैयार नहीं हैं। ऐसा तकरीबन 40 लाख टन धान मिलों में पड़ा है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को राज्य में धान की पीएयू 201 किस्म की मिलिंग शुरू हो सके इसके लिए नमूनांे की समय पर जांच करने के लिए कहा है। धान मिलर्स द्वारा इस धान की मीलिंग बंद किये जाने से अनिश्चितता वाली स्थिति बन गई है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को आजाद के निवास पर मिलकर बताया कि कृषि मंत्रालय की ओर से पंजाब में विभिन्न स्थानों पर इस धान के सैम्पल एकत्रित किये गये और अब जांच स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की जानी है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री आजाद को बताया कि सूखे के बावजूद पंजाब ने इस वर्ष धान के उत्पादन में रिकार्ड वृद्धि दर्ज की है। इसके बावजूद पंजाब को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) पीएयू 201 किस्म के चावलों को खरीद से इस लिए आनाकानी कर रही है कि इसमें चार प्रतिशत दाने खराब हैं। बादल ने स्पष्ट किया कि आईसीए आर और कृषि विव्श्रविद्यालय लुधियाना पहले ही बता चुके हैं कि चावल पर जो निशान हैं वह आयरन के तत्व के कारण है जो भारतीयों के लिए बेहतर हैं क्योंकि आयरन की कमी से लोग पहले ही जूझ रहे हैं।