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पंजाब सरकार के गले की फांस बना अनाज भंडारण

अनाज भंडारण समस्या पंजाब सरकार के गले की फांस बन गई है। दो महीने बाद आने वाली गेहूं की नई फसल की भंडारण समस्या से निपटने के लिए हालांकि पंजाब सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। पंजाब सरकार की खरीद एजेंसियों के गोदाम पिछले साल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के लिए खरीदे गये गेहूं और इस साल खरीदे चावल से अटे पड़े हैं। एफसीआई द्वारा राज्य की अपेक्षा से बहुत कम गेहूं और चावल उठान परेशानी का सबब बना हुआ है। पंजाब ने एफसीआई चेयरमैन से मांग की थी कि यहां से जनवरी से मार्च दौरान हर माह कम से कम 20 लाख टन अनाज उठाया जाए। पर एफसीआई हर माह का औसतन उठान 5 लाख टन है। पंजाब के खाद्य और आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों ने बताया कि इस समय केंद्र का 76 लाख टन गेहूं और 45 लाख टन धान राज्य में पड़ा है। चालू रबी सीजन दौरान पंजाब में 115 लाख टन गेंहू खरीदे जाने की संभावना है। ऐसे में भंडारण की समस्या पंजाब स्टेट ग्रेन प्रक्योरमेंट कारपोरशन (पनग्रेन) के अधिकारियों के गले की फांस बनी हुई है।



उन्होंने कहा कि स्टोरज की उचित जगह, अनाज के स्टॉक से निपटने और अनाज को राज्य से दूसरी जगहों पर ले जाने की उचित व्यवस्था की जाए। खाद्य और आपूर्ति मंत्री का कहना है कि तरफ तो देश में गरीब आदमी अनाज के लिए हाहाकार कर रहा है वहीं दूसरी ओर पंजाब में अनाज भंडारण और उठान सही ढंग से न होने के कारण ढेर सारा अनाज खराब हो रहा है। पंजाब को आज के दिन अपनी कुल भंडारण क्षमता का प्रयोग करने के बावजूद 66 लाख टन अनाज के लिए भंडारण गृहों की कमी पड़ रही है। इस साल संभावित 115 लाख टन गेहूं खरीद मिलाकर आज के दिन 236 लाख टन अनाज के लिए भंडारण गृहों की जरूरत है जबकि पंजाब की भंडारण क्षमता 170 लाख टन है इसमें 106 लाख टन ढ़का हुए भंडारण गृह हैं और 64 लाख टन कवर्ड एरिया पलिंथ (कैप) है।



पनग्रेन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भंडारण क्षमता की कमी को दूर करने के लिए आगामी 31 मार्च तक 44.फ्भ् लाख टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता का प्रबंध कर लिया जाएगा। ओपन पलिंथ में इसके लिए पनग्रेन 12.म्क् लाख टन ,पनसप 7.त्तभ्, पंजाब एग्रो 9.त्तख्, मार्क फैड 9.स्त्र8 और पंजाब स्टेट वेयर कारपोरशन 4.स्त्रख् लाख टन भंडारण क्षमता का प्रबंध कर रहा है। पनग्रेन ने प्राइवेट कंपनियों से यह भंडारण क्षमता 31 मार्च तक उपलब्ध कराने के लिए आवेदन मांगें हैं। कंपनियों से पनग्रेन ने 5 वर्ष के लिए गारंटेड जगह 7.फ्क् रुपये प्रति टन प्रति माह किराए पर मांगी है । यह जगह मिलने के बाद भी पंजाब को गेहूं भंडारण के लिए 22 लाख टन क्षमता की कमी पड़ रही है।



पनग्रेन अधिकारी ने बताया कि पिछली बार की तरह अब की बार चावल मिलों में भंडारण के लिए जगह उपलब्ध नहीं है। इन मिलों में 40 लाख टन पीएयू 121 धान मिलिंग के लिए पड़ा है। पनग्रेन के आला अधिकारियों का कहना है कि एफसीआई द्वारा गेहूं के उठान की गति धीमी रहने से राज्य में 2009 का 76 लाख टन गेहूं का स्टॉक जमा हो गया है। 2009 में गेहूं खरीद सीजन के समय राच्य में गेहूं का पुराना स्टॉक 50 लाख टन था।



गुड़गांव में बनेगा बहुमंजिला भंडारण
चंडीगढ़। हैफेड की ओर से 25 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से गुड़गांव में 1,80,000 वर्ग फुट क्षेत्र में बहुमंजिला भंडार परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इस बहुमंजिला भंडार परिसर में चार लिफ्ट और अग्निशमन प्रणाली होगी। उन्होंने कहा कि 30,000 टन क्षमता के गोदामों के अतिरिक्त इस परिसर में जिला कार्यालय, डीएम आवास, आठ स्टाफ क्वार्टर और एक विश्राम गृह होगा। यह परियोजना 30 अप्रैल 2011 तक पूरी होगी।





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