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Kshetreeya
New Delhi New Delhi दिल्ली नगर निगम ने रिहायशी और गैर रिहायशी संपत्ति कर की कई श्रेणियों में बढ़ोतरी कर दी है। वित्त वर्ष 2010-11 के लिए मॉल, मल्टीप्लेक्स और पीवीआर समेत विभिन्न तरह की संपत्ति करों में बढ़ोतरी की गई है। इसकी जानकारी दिल्ली नगर निगम की बैठक में सदन के नेता सुभाष आर्य ने निगम के वर्ष 2009-10 के संशोधित बजट अनुमान तथा वर्ष 2010-11 के बजट अनुमानों पर प्रस्तुत की गई चर्चाओं पर दिए गए वक्तव्य के दौरान दी।
अगले वर्ष के लिए प्रस्तावित बजट की कई श्रेणियों में अधिकतम 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। रिहायशी संपत्तियों की श्रेणी ए और बी में दो फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। पहले 10 फीसदी की तुलना में अब 12 फीसदी की दर से कर देना होगा। श्रेणी सी, डी और ई में भी एक फीसदी बढ़ाकर 11 फीसदी कर कर दिया गया है। श्रेणी एफ, जी और एच में भी एक फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अब इसे छह फीसदी से बढ़ाकर सात फीसदी कर दिया गया है।
गैर रिहायशी संपत्तियों की श्रेणी ए और बी में अधिकतम 5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अब इन श्रेणी की संपत्तियों पर 15 फीसदी की दर से कर देना होगा। श्रेणी सी, डी और ई में भी दो फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। पहले 10 फीसदी की तुलना में अब इस पर 12 फीसदी कर देना होगा। हालांकि, गैर रिहायशी श्रेणी के एफ, जी और एच में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन श्रेणियों पर 10 फीसदी की पुरानी दर ही लागू रहेगी।
राजधानी में चल रहे कोचिंग संस्थानों पर कर का बोझ बढ़ा दिया गया है। अब ऐसे कोचिंग संस्थान, जिसमें 50 से अधिक छात्र रहेंगे, से 12 फीसदी की दर से संपत्ति कर ली जाएगी। मल्टीप्लेक्स, पीवीआर, 150 वर्ग मीटर से बड़ी दुकानें, पैट्रोल पंप, सीएनजी पंप, होटल और बार की सुविधा वाले रेस्टोरेंट पर लगने वाले कर में भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
अब इस पर 20 फीसदी की दर से कर वसूल की जाएगी। ऐसे फार्म हाउस जो गैर-रिहायशी श्रेणी में आते हैं उन पर भी 5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अब इन पर 20 फीसदी टैक्स देना होगा। अगले वित्त वर्ष से संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के समय संपत्ति कर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अब अनिवार्य कर दिया गया है।
बात पते की
रिहायशी संपत्तियों की श्रेणी ए और बी में दो फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। पहली श्रेणी में 10 फीसदी की तुलना में अब 12 फीसदी की दर से कर देना होगा।