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Kshetreeya
Bhopal-Indore Bhopal-Indore मध्यप्रदेश
में आगामी वित्त वर्ष 2010-11 की बजट तैयारियां जोरों पर हैं। हर विभाग अपनी योजनाएं वित्त विभाग को बनाकर भेज रहे हैं। इसी क्रम में मप्र के कृषि विभाग ने बीते वर्ष की चालू परियोजनाओं के अतिरिक्त लगभग 600 करोड़ रुपये देने की मांग की है। कृषि विभाग का मुख्य जोर जैविक खेती, बलराम तालाब और जल एवं भूमि संरक्षण पर है। यह बात मप्र के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री डा. रामकृष्ण कुसमारिया ने बिजनेस भास्कर से कही।
कृषि मंत्री ने कहा कि नए वित्त वर्ष में उनकी प्राथमिकता राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने की है। इसके लिए बकायदा जैविक नीति भी लाई जा रही है। जिसमें जैविक ढंग से खेती किए जाने के साथ जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं भूमि संरक्षण एवं सुधार को ध्यान में रखकर बनाई हलधर योजना भी विशेष प्राथमिकताओं में रखी गई है। इसके लिए भी बजट आवंटन की मांग की है। उन्होंने कहा कि बजट में जैविक खेती को बढ़ावे के साथ ही खेतों के उन्नयीकरण के लिए भी राशि की मांगी है।
वहीं कृषि महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए करीब 55 करोड़ रुपये की मांग की है। कुसामारिया ने कहा कि नए बजट में कृषि विभाग ने सरकार के पास कृषि के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इसके अतिरिक्त कृषि ऋण, बीमा, गेहूं की खरीदी पर दिए जाने बोनस आदि व्यवस्थाओं हेतू होने वाले व्यय के लिए अलग से प्रस्ताव है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009-10 के दौरान कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन, मछलीपालन के लिए 1,686 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया था।
mradulk.jain@businessbhaskar.net
बात पते की
कृषि विभाग ने नए बजट में राज्य सरकार के पास कृषि के लिए 600 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा कृषि ऋण, बीमा, गेहूं की खरीदी पर दिए जाने बोनस आदि व्यवस्थाओं के लिए होने वाले व्यय के लिए अलग से प्रस्ताव है।