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Arth Jagat Arth Jagat किसी मार्केटिंग करार के बगैर राजस्थान में बाड़मेर स्थित ओएनजीसी रिफाइनरी की स्थापना की राह मुश्किल है। यह मानना है पूर्व पेट्रोलियम सचिव और रिफाइनरी की स्थापना की संभाव्यता का अध्ययन करने के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष एस सी त्रिपाठी का। त्रिपाठी समिति ने इस बाबत अभी दो दिनों का बाड़मेर दौरा भी किया।
एस सी त्रिपाठी ने बिजनेस भास्कर से एक विशेष बातचीत में बताया कि समिति अपनी रिपोर्ट मार्च के आखिर तक सरकार को सौंप देगी। उन्होंने बताया कि समिति ने बाड़मेर में प्रस्तावित ओएनजीसी की रिफाइनरी की स्थापना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया। समिति ने इस बार में केन्द्र और राजस्थान सरकारों के ही विचारों पर गौर किया और इस बार में एक संतुलित रिपोर्ट बनाकर देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक रिफाइनरी के लिए सरकार को किसी बड़ी और वित्तीय रूप से मजबूत पक्ष या कंपनी से मार्केटिंग के लिए करार नहीं होता, इस परियोजना की राह मुश्किल बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाओं में कई तरह के जोखिम आते हैं। इसके अलावा, जब से ओएनजीसी की रिफाइनरी की बात चल रही है, इस दरम्यान आस-पास कई रिफाइनरियां वजूद में आ गई हैं।
अब रिफाइनरी पर आने वाले लागत के अनुमान में भी काफी बढ़ोतरी हो चुकी है। इन सबकी वजह से भी इस प्रस्तावित रिफाइनरी की स्थापना की संभावनाओं पर ग्रहण लगते रहे हैं।
दो दिन पहले यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा से इस रिफाइनरी की स्थापना से जुड़ी संभावनाओं का फिर से परीक्षण करने को कहा। राजस्थान सरकार से कंपनी की बातचीत पिछले चार पांच सालों से चलती रही है। राजस्थान की पूर्व भाजपा सरकार और गहलौत की अगुआई में मौजूदा कांग्रेस सरकार भी इस रिफाइनरी की स्थापना के लिए काफी उत्सुक रही हैं, पर यह योजना अबत क परवान नहीं चढ़ पाई।
निजी क्षेत्र की तेल उत्पादक कंपनी केयर्न इंडिया द्वारा बाड़मेर में कच्चे तेल का उत्पादन शुरू कर दिए जाने के बाद रिफाइनरी की स्थापना की प्रक्रियाएं जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों ने बताया कि इस रिफाइनरी से राजस्थान के लगभग एक लाख लोगों को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
साथ ही, इस रिफाइनरी से करों एवं शुल्कों के जरिये राजस्थान सरकार को लगभग दो हजार करोड़ रुपये प्राप्त होने का अुनमान है। इसके अतिरिक्त, रिफाइनरी के निर्माण के बाद अन्य कई प्रकार के संबंधित उद्योग धंधे भी इस क्षेत्र में पनपेंगे जिनसे इस क्षेत्र तथा कुल मिलाकर पूर राजस्थान की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
sk.jha@businessbhaskar.net