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कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों की एसी बाजार पर नजर

साल के अंत में हुए कारोबार से उत्साहित कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियां अब गर्मी को भुनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनियां जहां एसी और रेफ्रीजरेटर के नए मॉडल बाजार में उतार रही हैं वहीं, बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कुछ सस्ते मॉडल भी बाजार में लाने की योजना बना रही हैं। कंपनियां बड़े शहरों के अलावा छोटे शहरों के लिए खास तौर से रणनीति बना रही हैं। इसके तहत वह डीलर नेटवर्क का भी इजाफा कर रही हैं।



व्हर्लपूल के वाइस प्रहीडेंट, मार्केटिंग शांतनु दास गुप्ता ने बताया कि कंपनी की फरवरी में बाजार में नए उत्पादों को उतारने की योजना है। इसमें उत्पादों के नए मॉडल भी उपभोक्ताओं को मिलेंगे। इसके तहत कंपनी स्प्लिट एसी के 35 नए मॉडल और विंडो एसी के 5 नए मॉडल बाजार में उतारेगी। ये सभी स्टार रेटेड होंगे। नए उत्पादों के जरिए कंपनी को एसी की बिक्री में तीन गुना इजाफा होने की उम्मीद है।



कंपनी को वर्ष 2010 में तीन लाख एसी बेचने की उम्मीद है। कंपनी ने वर्ष 2009 में एक लाख एसी की बिक्री की है। इसके अलावा कंपनी को फोकस इस साल टियर-2 और टियर-3 शहर पर है। इन शहरों में कंपनी अपना नेटवर्क बढ़ाएगी। देश भर में अपने नेटवर्क में 15 फीसदी तक कंपनी विस्तार करेगी। वोल्टॉस के प्रदीप बख्शी के अनुसार कंपनी इस साल फरवरी में एसी और रेफ्रीजरेटर के कई नए मॉडल उतार रही है। इसके जरिए कंपनी अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रही है।



हिताची होम एंड लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट गुरमीत सिंह ने बताया कि कंपनी छोटे शहरों को लक्ष्य बनाकर नए एअर कंडीशन के मॉडल बाजार में उतार रही है। इसे उत्तर भारत के शहरों में उतारने की योजना है। कंपनी ने इसके लिए स्प्लिट एसी के तहत 0.9 टन , 1.2 टन, 1.5 टन और 2 टन के एसी के मॉडल बनाए हैं. जिसे त्नकेजत्न के नाम से उत्तर भारत के बाजार में उतारेगी। इसके अलावा कंपनी विंडो एसी का भी 1.1 टन का नया मॉडल बाजार में उतार रही है। वीडियोकॉन भी चालू साल में 50-60 नए उत्पाद बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। कंपनी इस साल बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से खास मार्केटिंग रणनीति बन रही है।



बढ़ते कदम
बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने को कुछ सस्ते मॉडल भी बाजार में लाने की योजना बना रही हैं कंपनियां
कंपनियां बड़े शहरों के अलावा छोटे शहरों के लिए खास तौर से बाजार रणनीति बनाने में जुटी हैं





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