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Emotional Development Emotional Development निर्यात
सेक्टर से नाउम्मीदी की परतें अब धीरे-धीरे हटती जा रही हैं। लेकिन अब भी पुख्ता कामयाबी दूर ही है। नवंबर,2009 के निर्यात आंकड़ों के मुताबिक निर्यात में 18.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दिसंबर में निर्यात आय में 9.3 फीसदी की वृद्दि दर्ज की गई है। हालांकि दिसंबर की वृद्दि को उत्साहजनक नहीं माना जा सकता क्योंकि पिछले साल के लो-बेस इफेक्ट की वजह से यह वृद्धि दिख रही है।
हालांकि आयात के मोर्चे पर उत्साह जगाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पिछले 11 महीनों से नकारात्मक जोन में रहे आयात में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। लेकिन दिसंबर,2009 में इसमें 27.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेल आयात में 42.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और गैर तेल आयात भी 22.4 फीसदी बढ़ गया है।
यह साफ संकेत है घरेलू अर्थव्यवस्था में रफ्तार पाने की भूख तेज हो गई है। सरकार के राहत पैकेज ने अपना प्रभाव दिखाया है और आगे भी इसके अच्छे परिणाम मिलने के आसार दिखाई दे रहे हैं। आयात अभी और मजबूत होगा। आयात बढ़ने की वजह से दिसंबर,2009 में व्यापार घाटा बढ़ कर 10.14 अरब डॉलर पहुंच गया। पिछले साल यानी दिसंबर, 2008 में व्यापार घाटा 6.08 अरब डॉलर का था।
हालांकि वर्ष, 2009 के पिछले नौ महीनों के प्रदर्शन से अर्थव्यवस्था को कोई रफ्तार नहीं मिली थी। हालिया महीनों में निर्यात सुधार से भी इकोनॉमी को कोई बूस्ट नहीं मिलने वाला क्योंकि पहले ही काफी चोट पहुंच चुकी है। विश्लेषकों का कहना है कि हाल के बेहतर निर्यातसप्रदर्शन अर्थव्यवस्था को लगे झटके से उबारने में कामयाब साबित नहीं होंगे।
समेकित तौर पर दिसंबर में निर्यात मूल्य में 20.3 फीसदी की गिरावट आई है और आयात 23.6 फीसदी कम हुआ है। इस महीने तक व्यापार घाटा 76.24 अरब डॉलर का रहा, जबकि वर्ष 2008-2009 में यह 106.24 अरब डॉलर का था। सरकार ने निर्यात क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कई उपायों की घोषणा की है। इनमें कई नए उत्पादों पर ड्यूटी लाभ और डॉलर क्रेडिट के ब्याज में कमी करना शामिल है। माना जा रहा है कि नवंबर और दिसंबर, 2009 में निर्यात क्षेत्र का प्रदर्शन भी बना रहेगा और आखिरी तिमाही में और भी अच्छे नतीजे आएंगे। ये प्रोत्साहन इसीलिए दिए गए हैं। लेकिन ये प्रोत्साहन बहुत देर ेसे बेहद कम साबित हो सकते हैं।
कुल निर्यात प्रदर्शन पिछले साल के 182.36 अरब डॉलर की तुलना में काफी कम पर रूक सकता है। दिसंबर, 2009 तक निर्यात सेक्टर से कुल कमाई 117.58 अरब डॉलर तक पहुंची थी। जनवरी से मार्च, 2010 तक कमाई औसतन 19 अरब डॉलर के हिसाब से बढ़ने की उम्मीद है। पिछले साल का आंकड़ा छूना काफी कठिन लगता है। लिहाजा निर्यात प्रदर्शन के मोर्चे पर निराशा हाथ लगे तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।