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Kshetreeya
New Delhi New Delhi नोएडा
की तरह अब राजधानी में भी बगैर अनुमति वाले मोबाइल टावरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। एमसीडी ने रविवार को कहा कि यह मंगलवार तक मोबाइल टावरों पर एक नई नीति को अंतिम रूप दे देगा। इसके तहत नगर निकाय का ओर से नियमों में संशोधन कर अवैध टावर लगाने वाले मोबाइल सर्विस प्रोवाइडरों को संभवत: एक पखवाड़े का वक्त दिया जाएगा। पार्षद मीरा अग्रवाल की अध्यक्षता वाली कमेटी नई नीति को उचित अमली जामा पहनाएंगी।
यह कमेटी राजधानी में कुकुरमुते की तरह मोबाइल टावरों के अनियमित विकास को कानून की पटरी पर लाएगी। कमेटी अपनी रिपोर्ट स्थाई समिति को को सौंपेगी। एक वारिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए मानदंड तय करने के बाद अवैध तौर पर चलाए जा रहे गैरकानूनी टावरों को नियमित कराने के लिए आवेदन करने को कहा जाएगा और आवश्यक कामों को पूरा करने के लिए 15 दिन से एक माह तक का वक्त दिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि नगर निकाय के वरिष्ठ अधिकारियों की सोमवार को होने वाली बैठक में नई नीति को कैसे अमल में लाया जाए इसके तरीकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी से औपचारिक इजाजत लिए बगैर राजधानी के तमाम इलाकों में 2,517 सेल टावर लगा लिए गए।
इसके पहले पार्षद अग्रवाल ने कहा था कि नगर निकाय इस मामले में बीच का रास्ता निकालेगा ताकि इलाके में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर इन टावरों का बुरा असर न पड़े लेकिन इससे साथ ही इसका ध्यान रखा जाएगा कि इन टावरों को हटाने के वजह से मोबाइल उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो। पड़ोसी शहर नोएडा में अवैध मोबाइल टावरों को खिलाफ औचक कार्रवाई से बड़ी तादाद में टावरों को सील कर दिया गया जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को नेटवर्क समस्याओं से दो-चार होना पडा़ है। एमसीडी नोएडा वाली गलती दिल्ली में नहीं दोहराना चाहता है।
बात पते की
रिहायशी इलाकों में लगे मोबाइल टावरों से लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। यह खेल कई साल से चल रहा है। लेकिन नोएडा में कार्रवाई के बाद अब दिल्ली में भी एमसीडी मोबाइल नीति की तैयारी में जुट गया है।