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Kshetreeya
Ludhiana-Patiyala-Chandigarh Ludhiana-Patiyala-Chandigarh पंजाब ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार से बड़े पैकेज की मांग की है। रविवार को नई दिल्ली में राज्यों की आतंरिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुलाए गए मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने राज्य के सीमावर्ती जिलों के लिए त्नव्यापक आर्थिक पैकेज की मांग की। उन्होंने नक्सलवाद और आंतकवाद जैसी स्थितियांे से निपटने के लिए पुलिस नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर केंद्र से वार्षिक सौ करोड़ रुपये की ग्रांट देने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि पंजाब पर सुरक्षा के पक्ष से भारी खतरा है क्योंकि इसका पाकिस्तान के साथ लम्बी सक्रिय अंतरराष्ट्रीय सीमा है और यह जम्मू एवं कश्मीर से भी लगती है। इन दोनों क्षेत्रों में बड़ी बैचेनी और हिंसा है। यह स्थिति सदा ही पंजाब की अंदरूनी सुरक्षा को प्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित करती है।
उन्होंने कहा कि हम सीमा पार आंतकवाद, अंतर सीमा हथियारों, नशों और भारतीय जाली करंसी का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका ने 9/11 के हमले के बाद आंतकवाद के हमले को दोहराने की किसी को आज्ञा नही दी जबकि भारत में आंतरिक और बाहरी आंतकवाद द्वारा बार-बार हमले किए जा रहे हैं।
ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि उनको यह प्रभाव मिला है कि वह अपनी कार्रवाही करके बच निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा की संयुक्त चुनौती को मिलकर लड़ना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने एक सर्वेक्षण रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यह बहुत अधिक परशान करने वाली बात है कि 62 साल की आजादी के बाद भी लोगों की स्वच्छ पेयजल, आधारभूत स्वास्थय एवं शिक्षा जैसी सुविधांए जैसी बुनियादी जरूरतों तक पहुंच नही है। जितनी देर समस्याओं को हल करने के लिए विशेष ध्यान नही दिया जाता तब तक नक्सलवाद लगातार बढ़ता जाए। पंजाब में सुरक्षा के प्रादृश्य की विस्तृत रूपरखा बताते हुए बादल ने कहा कि पंजाब में आंतकवाद का मूल कारण धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक और भौगोलिक मामलों पर अन्याय और भेदभाव करना था।