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भारी कर्ज के बोझ में दबी विशाल रिटेल को उम्मीद है कि उसकी कर्ज पुनर्गठन प्रक्रिया मार्च मध्य तक खत्म हो जाएगी। कंपनी के मुताबिक जल्द ही कर्जदाताओं के साथ समझौता होने की उम्मीद है।
कंपनी ने यह भी कहा कि कंपनी ने 735 करोड़ रुपये कर्ज के भुगतान के लिए दो साल का प्रस्ताव रखा है। साथ ही कंपनी रणनीतिक निवेशकों से इक्विटी हिस्सेदारी के लिए भी तैयार है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रामचंद्र अग्रवाल ने बताया कि हम कर्जदाताओं के साथ 24 फरवरी और 10 मार्च को बैठक कर रहे हैं। इसमें हमें कॉरपोरेट डेट रीस्ट्रक्चरिंग (सीडीआर) प्रक्रिया के लिए समझौता होने की पूरी उम्मीद है।
बकौल अग्रवाल, हमने कंपनी को कर्ज चुकता करने के लिए दो सालों का समय देने या रणनीतिक निवेशकों से फंड इकट्ठा करने का प्रस्ताव रखा है। उम्मीद है कि सभी कर्जदाता बैंक इसके लिए तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कंपनी सीडीआर प्रक्रिया में पूरी तरह से को-ऑपरेट कर रही है। यह प्रक्रिया सही से जारी है।
कंपनी को उम्मीद है कि सीडीआर पर अंतिम फैसला हो जाने के एक साल के अंदर वह एक बार फिर मजबूत स्थिति में होगी। अग्रवाल के मुताबिक हम किसी नए फंड जुटाए बिना ही पिछले एक साल से बेहतर कारोबार कर रहे हैं। जनवरी के दौरान बिक्री में हुई बढ़ोतरी से हमारा मनोबल और ऊंचा हुआ है। इस साल के पहले महीने यानी जनवरी में कंपनी की बिक्री 88 करोड़ रुपये रही।