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पित्रोदा कमेटी करेगी टेंडर नोटिस पर फैसला

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दूरसंचार विभाग से बीएसएनएल का विवादास्पद टेंडर नोटिस सैम पिद्रोदा कमेटी को भेजने को कहा है। मनमोहन सिंह ने पिछले माह सार्वजनिक उपक्रमों बीएसएनएल और एमटीएनएल के कामकाज की समीक्षा करने के लिए पित्रोदा के आधीन कमेटी का गठन किया था। जाने-माने बैंकर दीपक पारिख और दूरसंचार सचिव इस कमेटी के सदस्य हैं।



बीएसएनएल के टेंडर को लेकर उठे विवाद को सुलझाने के लिए दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से हस्तक्षेप करने की मांग की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री यह निर्देश दिया है। ए. राजा ने कहा था कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा बीएसएनएल की विस्तार योजना को प्रभावित कर रही है।



बीएसएनएल ने जीएसएम उपकरणों के लिए बोली आमंत्रित की थी। जीएसएम उपकरणों पर लगभग 36,000 करोड़ रुपये निवेश किया जाना था। लेकिन बीएसएनएल कानूनी मसलों सहित विभिन्न मुद्दों के कारण 20 माह से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद ऑर्डर नहीं दे पाया है। बोली लगाने वाली अग्रणी टेलीकॉम वेंडर नोकिया सीमेंस नेटवर्क (एनएसएन) को तकनीकी कारणों से होड़ से बाहर कर दिया गया।



अब इस होड़ में सिर्फ दो कंपनियों एरिक्सन और हुवावे ही बची हैं। हालांकि दो उच्च न्यायालयों ने एनएसएन की डिसक्वालीफिकेशन को सही ठहराया है और यह मामला मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के पास भेज दिया गया है। समझा जाता है कि सीवीसी ने बीएसएनएल को स्नैप टेंडर या शार्ट टेंडर जारी करने को कहा है।





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