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Arth Jagat Arth Jagat वैज्ञानिकों
ने एक ऐसा इंटरनेट टेलीस्कोप विकसित किया है जिसके बारे में दावा किया है कि यह वेब की गहराई तक झांक सकता है और बॉटनेट तथा साइबर हमलों से बचा सकता है। गलत इरादे से किसी अपराधी द्वारा नियंत्रित संगठित कंप्यूटरों का नेटवर्क यानी बॉटनेट इंटरनेट के क्षेत्र में लगातार पैठ बना रहा है। इनका इस्तेमाल यूजर्स का पासवर्ड हासिल करने के लिए टारगेट वेबसाइट पर निर्थक डाटा भेजने, स्पैम या स्पाई लांच करने के लिए किया जाता है। अटलांटा के एंडगेम सिस्टम्स के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने इंटरनेट टेलीस्कोप नामक एक सिस्टम बनाया जो बॉटनेट चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले दुर्भावनापूर्ण साफ्टवेयर से लैस कंप्यूटरों का स्थान चि±िनत कर सकता है।
न्यू साइंटिस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह टेलीस्कोप मशीन पर ही मलवेयर के प्रकार की पहचान तक कर सकता है और इसके अगले वार को खाली कर देता है।
इंटरनेट टेलीस्कोप संगठित पीसी की बड़े आक्रामक तरीके से खोज कर लेता है और इनके वैश्विक खतरे का नक्शा तैयार करते हुए इनके सभी आंकड़ों को सामने पेश कर देता है। इसके बाद यह प्रत्येक बॉट के अगले चंद डोमेन नाम वाले सर्वरों का वेब पता बताते हुए मलवेयर की चीर-फाड़ करता है। एक बार इन डोमेन की जानकारी मिल जाने के बाद यह सिस्टम बॉटनेट पर नियंत्रण रखने वाले व्यक्ति या त्नबॉटनेटत्न से इसे खरीद लेता है। इसका मकसद यह होता है कि संपूर्ण बॉटनेट का नियंत्रण जब्त कर लिया जाता है जब यह नए कंट्रोल पते की ओर रुख करने लगते हैं।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इंटरनेट टेलीस्कोप इसके बाद या तो बॉटनेट को खत्म कर देता है या फिर सभी बॉट्स की गतिविधियां जब्त करने का आदेश देता है या इस तरीके से बॉटनेट की गतिविधि में हस्तक्षेप करते हुए बॉटमास्टर को पकड़ने की कोशिश करता है ताकि इनकी ऊपरी परत को ही उड़ा दिया जाए। एंडगेम के सीईओ क्रिस रोलां ने हाल ही में यहां आयोजित साइबर वारफेयर सम्मेलन के दौरान इस टेलीस्कोप का विवरण पेश किया है।