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Kshetreeya
Bhopal-Indore Bhopal-Indore बैंकिंग
लेनदेन में पारदर्शिता लाने और ट्रांजेक्शन लागत को कम करने के लिहाज से हाई वैल्यू चेक का उपयोग बंद होने जा रहा है। रिजर्व बैंक के आदेशानुसार मार्च फ्क्ख्क् के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हाई वैल्यू चेक को बैंकों में नहीं लिया जाएगा। इसकी जगह सारा लेन-देन ऑनलाइन किया जाएगा। आरबीआई के अनुसार दस लाख से ज्यादा की रकम के चेक हाई वैल्यू चेक होते हैं। दोनों प्रदेशों में मिलाकर प्रतिदिन करीब ख्क्क् करोड़ रुपये का लेनदेन इन चेकों के माध्यम से होता है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फिलहाल इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और रायपुर में क्लियरिंग केन्द्र है। इनमें से ग्वालियर को छोड़ कर अन्य जगहों पर हाई वैल्यू चेक की क्लियरिंग होती है। ग्वालियर में कारोबारियों की मांग के अनुसार वहां इसी महीने से हाई वैल्यू चेक का उपयोग नही होगा। फिलहाल इंदौर में सबसे ज्यादा करीब म्क् करोड़ रुपये का लेनदेन प्रतिदिन इन चेकों से होता है। यहां रोजाना इस श्रेणी के फ्क्क् चेक का लेन-देन रोजाना होता है। इसी तरह भोपाल में औसतन फ्क्-फ्म् करोड़ और ख्फ्म् चेक, जबलपुर में ख्क्-ख्म् करोड़ रुपये और 8क् चेक, ग्वालियर में ख्क्-ख्म् करोड़ रुपये और ख्क्क् चेक और रायपुर में ख्क् करोड़ रुपये और त्तम् चेक का लेने-देन प्रति दिन होता है।
किसी भी बैंक के लिए हाई वैल्यू चेक को आठ घंटे में क्लियर करना जरुरी होता है। इसके चलते बैंको को इसके लिए अलग से स्टॉफ रख कर सारी व्यवस्था करनी पड़ती है। जिसके चलते इसकी ट्रांजेक्शन लागत में काफी च्यादा होती है। इसके अलावा लेन-देन में पारदर्शिता और निगरानी रखने के लिए बैंको में सभी कायरे को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसी को देखते हुए हाई वैल्यू चेक का उपयोग बंद करके नगदी के स्थानांतरण के लिए रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट (आरटीजीएस), नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर (एनआईएफटी) जैसी सुविधा शुरु की गई थी। फिलहाल नगदी के स्थानांतरण के लिए आरटीजीएस जैसी सुविधाओं का उपयोग अनिवार्य नहीं है। अगले वित्त वर्ष से हाई वैल्यू चेक का उपयोग बंद हो जाने के बाद इन्ही के जरिए ही सारा लेन-देन किया जाएगा।
इसके लागू होने के बाद से बैंको में ट्रान्जेक्शन लागत में कमी तो आएगी ही साथ ही ग्राहको के लिए भी सुविधा हो जाएगी। ऑनलाइन सुविधा लागू होने के बाद से खातों में नगदी का स्थानांतरण तुरंत हो जायेगा। आरटीजीएस में पांच लाख के स्थानांतरण पर फ्म् रुपये का शुल्क लगता है तथा एनआईएफटी में प्रति एक लाख पर पांच रुपये और इससे ऊपर फ्म् रुपये शुल्क लगता है।
बात पते की
फिलहाल मप्र और छत्तीसगढ़ में इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और रायपुर में क्लियरिंग केन्द्र है। इनमें ग्वालियर को छोड़ अन्य जगहों पर हाई वैल्यू चेक की क्लियरिंग होती है।
दोनों प्रदेशों में मिलाकर रोजाना ख्क्क् करोड़ का लेनदेन चेकों के माध्यम से होता है।