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Kshetreeya
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के फर्नीचर बाजार में स्थानीय स्तर पर बने हुए फर्नीचर की मांग लगातार बढ़ रही है। सस्ता और ऑर्डर के आधार पर तैयार होने के होने के कारण स्थानीय स्तर के फर्नीचर से ब्रांडेड और आयातित फर्नीचर को कड़ी टक्कर मिल रही है।
दिल्ली में फर्नीचर के सबसे बड़े बाजार कीर्तिनगर में थोक और खुदरा स्तर पर स्थानीय कंपनियों के फर्नीचर का बोलबाला है। फर्नीचर ब्लॉक के प्रेसीडेंट रतिंदर भाटिया ने बताया कि पिछले दिनों शादी- विवाह और त्योहार के सीजन में फर्नीचर की अच्छी बिक्री दर्ज की गई। सीजन के दौरान आकर्षक छूट और विभिन्न प्रोमोशनल स्कीम के कारण पिछले दिनों स्थानीय स्तर के फर्नीचर ने बेहतर कारोबार किया। बाजार में थोक और खुदरा स्तर की करीब 500 दुकानें हैं। स्थानीय स्तर पर बने फर्नीचर की बिक्री करने वाली कंपनी बेल ओ होम के ऑनर मनोज सिंह ने बताया कि बाजार में ज्यादातर लोकल फर्नीचर की ही मांग रहती है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर लोग फर्निशिंग हाउस के फर्नीचर की खुदरा स्तर पर खरीदारी करते हैं। शादी और त्योहार के सीजन में मुख्य तौर पर पूरे सेट की मांग रहती है। स्थानीय स्तर पर बने हुए फर्नीचर का सेट 50,000 रुपये से प्रारंभ हो जाता है। इसमें डबल बेड, ड्रेसिंग टेबल, मेट्रेस, सोफासेट और सेंटर टेबल आ जाते हैं। फर्नीचर में होम फर्नीचर और ऑफिस फर्नीचर की प्रमुख केटेगरी होती है।
होम फर्नीचर में अधिकतर कारोबार शादी-विवाह के सीजन में होता है। स्थानीय स्तर की कुछ कंपनियां फर्निशिंग सेट की एक साथ खरीद पर 15 से 25 फीसदी तक छूट भी दे रही है। ब्रांडेड सेगमेंट में डुरियन, टेंजेंट, रॉयल कॉश, लाइफस्टाइल और होम सेंटर जैसी बड़ी कंपनियों का दबदबा है। हालांकि महंगे और लक्जरी सेगमेंट होने के कारण इसका अपना अलग ग्राहक वर्ग है। बाजार में 75 फीसदी से ज्यादा हिस्से पर स्थानीय स्तर के फर्नीचर की ही बिक्री होती है। दूसरे देशों से आयातित फर्नीचर 10-15 फीसदी तक अधिक महंगे होते हैं।
प्रमुख रूप से चीन, मलेशिया और दुबई से फर्नीचर का आयात किया जाता है। प्रेसिडेंट भाटिया ने बताया कि रियल एस्टेट में सुधार होने का फायदा फर्नीचर बाजार पर भी पड़ता है। हाल के दिनों में कुछ कंपनियां सीधे तौर पर फर्नीचर की आपूर्ति के लिए बिल्डर और ऑफिस से भी समझौता कर रही है।
बात पते की
सस्ता और ऑर्डर के आधार पर तैयार होने होने के कारण स्थानीय स्तर के फर्नीचर से दिल्ली के सबसे बड़े फर्नीचर बाजार कीर्तिनगर को ब्रांडेड और आयातित फर्नीचर से कड़ी टक्कर मिल रही है।