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लश्कर ने तीन साल पहले रची थी मुंबई हमलों की साजिश

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पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्करे तैयबा ने नवंबर 2008 में मुंबई में किए गए हमलों की साजिश तीन वर्ष पूर्व 2005 में रची थी। यह जानकारी अमेरिका के संघीय अभियोजकों द्वारा शिकागो की कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में दी गई है। इसके मुताबिक, लश्कर के एक अनाम सदस्य त्नएत्न ने 2005 के आखिर में डेविड कोलमैन हेडली और संगठन के एक अन्य सदस्य को बताया था कि वह महत्वपूर्ण ठिकानों की टोह लेने भारत जाएगा।



संघीय अभियोजकों ने कहा है कि लश्कर के आकाओं के कहने पर हेडली ने 15 फरवरी 2006 को फिलाडेल्फिया में अपना नाम दाउद गिलानी से बदलकर डेविड कोलमैन हेडली रख लिया था। इससे भारत में उसे खुद को अमेरिकी के तौर पर पेश करने में मदद मिली थी। 2006 में लश्कर के सदस्य त्नएत्न और एक सहयोगी ने हेडली के साथ विचार विमर्श कर उसे सुझाव दिया था कि वह मुंबई में वीजा एजेंसी खोल सकता है, जिसकी आड़ में टोही गतिविधियां आराम से चल सकें। जून 2006 में हेडली शिकागो गया और पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा को भारत में लश्कर के संभावित लक्ष्यों के बारे में बताया। उसने शिकागो में फस्र्ट वल्र्ड इमीग्रेशन सर्विस चला रहे राणा को भारत में भी कार्यालय खोलने के लिए मना लिया था। जुलाई 2006 में ए ने पाकिस्तान में हेडली को 25 हजार डॉलर दिए, ताकि वह मुंबई में वीजा एजेंसी खोल सके। इसके बाद हेडली सितंबर 2006, फरवरी व सितंबर 2007 और अप्रैल व जुलाई 2008 में पांच बार मुंबई गया और संभावित लक्ष्यों के वीडियो बनाए। आरोप पत्र में कहा गया कि हेडली जब जुलाई 2008 में भारत गया था, तब ए ने राणा के जरिए संदेश भेजकर उससे संपर्क किया था।



राणा और हेडली पर आरोप तय
शिकागो। अमेरिका की एक संघीय ज्यूरी ने पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा पर लश्करे तैयबा के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली के साथ मुंबई हमलों के मामले में आरोप तय कर दिए हैं। दोनों पर लश्कर के लिए जमीनी आधार तैयार करने और साजो सामान संबंधी सहायता मुहैया कराने का आरोप लगाया गया है। (एजेंसी)





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