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महंगाई
के मुद्दे पर केंद्र सरकार को केवल विपक्ष ही नहीं बल्कि यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे सहयोगी दलों ने भी निशाना साधना शुरू कर दिया है। भाजपाशासित राज्यों के मुख्यमंत्री जहां महंगाई के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं। वहीं बसपाशासित उत्तर प्रदेश ने भी केंद्र को कटघरे में खड़ा किया है। सूबे की मुख्यमंत्री मायावती का कहना है कि केंद्र सरकार पूंजीवादियों के प्रभाव में काम कर रही है, जिसके कारण महंगाई बढ़ रही है। मायावती ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते महंगाई पर काबू नहीं पाया गया तो बसपा पूरे देश में आंदोलन चलाएगी। मायावती का यह बयान केंद्र सरकार की कैबिनेट समिति की बैठक के एक दिन बाद आया हैं, जिसमें कहा गया कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए 27 जनवरी को मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई जाएगी।
मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार के एक जिम्मेदार मंत्री बार-बार गैर जिम्मेदाराना बयान देकर कालाबाजारियों और सटोरियों को शह दे रहे हैं, जिसके कारण महंगाई बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए केंद्र को दोषी ठहराते हुए कहा कि सरकार एक बार फिर पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है, जिससे महंगाई बढ़ना स्वाभाविक है। उधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी महंगाई के लिए केंद्र पर निशाना साधा है। कुमार का कहना है कि जो कदम सरकार को पहले उठा लेना चाहिए था, उसके लिए आज पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब-जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार आई है तब-तब महंगाई अपने चरम पर रही है। उधर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी महंगाई के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेवार ठहराया।