कच्चे माल के महंगे होने से कन्फेक्शनरी कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस वजह से बाजार में केक, पेस्ट्री, चॉकलेट और ब्रेड के दाम सात से दस फीसदी तक बढ़ चुके हैं। बिस्कुट कंपनियां भी आने वाले दिनों में इनके दाम 10 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी में हैं।
दिल्ली की कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट कंपनी वेंगर एंड कंपनी के मैनेजर चरणजीत सिंह ने त्नबिजनेस भास्करत्न को बताया कि चीनी के दाम काफी बढ़ने की वजह से केक , पेस्ट्री और चॉकलेट की लागत में भारी बढ़ोतरी हो गई है। इसी वजह से इन उत्पादों की कीमतों में सात से आठ फीसदी का इजाफा हुआ है। उनका कहना है चीनी के दाम 22 रुपये से बढ़कर 43 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके बावजूद कंपनी ने उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ नहीं डाला है।
ओम स्वीट्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर सतीजा शर्मा का कहना है कि बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते दाम बढ़ाना आसान नहीं है। हालांकि, लागत काफी बढ़ जाने के कारण कंपनी ने केक (वनीला, स्ट्रावेरी) के दाम आठ फीसदी बढ़ाकर 250 रुपये और चॉकलेट केक के दाम सात फीसदी बढ़ाकर 330-375 रुपये प्रति किलो कर दिए हैं। इस दौरान पेस्ट्री (वनीला, स्ट्रावेरी) के दाम 28 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये और मैंगो एवं चॉकलेट फ्लैवर वाली पेस्ट्री के दाम बढ़ाकर 35 रुपये प्रति पीस कर दिए गए हैं। चॉकलेट के दाम भी 750 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये प्रति किलो कर दिए गए हैं।
प्रिया गोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के डायरेक्टर शेखर अग्रवाल ने बताया कि चीनी, मैदा एवं बटर की कीमतों में वृद्धि होने के कारण लागत 40 फीसदी बढ़ गई है। ऐसे में बिस्कुट के दाम बढ़ाना मजबूरी है। कंपनी बिस्कुट के दाम करीब 10 फीसदी और वजन 20 फीसदी तक कम करने की योजना बना रही है। इसके अलावा रिटेलरों के मार्जिन में भी कमी जाएगी जिससे कि बढ़ी हुई लागत से निपटा जा सके। वहीं, ऑल इंडिया ब्रेड मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश मागो ने बताया कि दो माह पहले ब्रेड की कीमतों में 10 फीसदी बढ़ोतरी हो चुकी हैं।
उद्योग के मुताबिक केक और पेस्ट्री की कीमतों में आने वाले दिनों में वृद्धि होने की संभावना है। चरणजीत सिंह का कहना है कि कंपनी ने चीनी के मूल्य 35 रुपये किलो होने पर उत्पादों के दाम बढ़ाए थे। उसके बाद चीनी के दाम बढ़कर 43 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। फिलहाल हम चीनी के दाम स्थिर अथवा कम होने का इंतजार कर रहे हैं। अगर इसके मूल्यों कमी नहीं आती है तो दाम और बढ़ाने पर विचार संभव है।sg.ramveer@businessbhaskar.net