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छोटी रकम के लिए एटीएम जाने की जरूरत नहीं

शुल्क आधारित आय बढ़ाने के लिए पांच प्रमुख बैंक अगले वित्त वर्ष में तीन लाख प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) खोलने जा रहे हैं। इसके बाद ग्राहकों को एक हजार रुपये तक का कैश निकालने के लिए एटीएम जाने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने निकटवर्ती पीओएस से ही यह भुगतान प्राप्त कर सकेंगे। इनमें से सबसे ज्यादा 1.50 लाख पीओएस खोलने पर भारतीय स्टेट बैंक विचार कर रहा है। देश भर में डेबिट, क्रेडिट कार्ड भुगतान और एक हजार रुपये तक का कैश निकालने के केंद्र के तौर पर इस्तेमाल होने वाले इन पीओएस के अगले वित्त वर्ष में खुलने की उम्मीद है।

बैंक के मुताबिक पहले साल उसे 1.35-1.50 लाख पीओएस टर्मिनल की जरूरत होगी। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी कर दिया गया है। इस योजना में बोली लगाने की अंतिम तिथि 25 जनवरी है। एसबीआई की अगले पांच साल के दौरान करीब छह लाख पीओएस टर्मिनल बनाने की योजना है। इसके वास्ते संयुक्त उद्यम बनाने के लिए बैंक ने पिछले साल आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) आमंत्रित किया था। इसके तहत कारोबार अधिग्रहण की भी योजना है। एसबीआई के मुताबिक इस कारोबार को पूरे देश में शुरू करने की योजना है। इसमें शहरी, कस्बे और ग्रामीण इलाके भी शामिल रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक बैंक इन टर्मिनल को लीज पर भी देने के विकल्प पर विचार कर सकता है।

पंजाब नेशनल बैंक का अगले वर्ष 60,000 प्वाइंट ऑफ सेल खोलने का इरादा है। इसके लिए बैंक ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ग्राहकों की सहूलियत को देखते हुए अगले पांच वर्षो तक सभी प्रमुख स्थानों पर पीओएस की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स भी अगले वर्ष लगभग 40000 पीओएस खोलने जा रहा है। इनके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 25000 पीओएस और कॉपरेरेशन बैंक अगले तीन साल में एक लाख पीओएस खोलने की तैयारी में हैं। कॉपरेरेशन बैंक इसी वर्ष 25000 पीओएस खोलेगा। फिलहाल देशभर में 4.50 लाख पीओएस कार्य कर रहे हैं। इसमें आईसीआईसीआई बैंक की हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी है, जबकि एक्सिस बैंक की हिस्सेदारी 30 फीसदी है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पीओएस स्थापित हो जाने के बाद इनकी हिस्सेदारी सर्वाधिक हो जाने की उम्मीद है।





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