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केवल आईएसआई मार्क वाले टायर-ट्यूब बिकेंगे

सरकार ने अब सभी प्रकार के मोटर वाहनों में लगाए जाने वाले टायर-ट्यूब को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के दायरे में ला दिया है। अत: अब देश भर में केवल वही टायर-ट्यूब बिकेंगे जो आईएसआई मानकों के अनुरूप होंगे और जिनका पंजीकरण बीआईएस के यहां होगा। हालांकि, र्रिटीटेड टायर इसके दायरे से बाहर रखे गए हैं। विभाग के इस निर्देश पर जहां ऑटोमोटिव टायर मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन (एटमा) को कोई आपत्ति नहीं है, वहीं ऑल इंडिया टायर डीलर्स फेडरेशन (एआईटीडीएफ) ने इसमें कुछ फेरबदल करने की मांग की है।

केंद्रीय औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग (डीआईपीपी) ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। डीआईपीपी के सर्कुलर के मुताबिक देश में दुपहिया, तिपहिया, पैसेंजर कार, ट्रक और बस के साथ-साथ अन्य वाहनों के टायर-ट्यूब के लिए भी बीआईएस के मानकों का पालन अब अनिवार्य होगा। उत्पाद का परीक्षण सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी) में कराना होगा। इसके लिए डीआईपीपी ने 19 नवंबर 2010 तक का समय टायर निर्माताओं को दिया है। यही नियम आयातित टायर-ट्यूब पर भी लागू होंगे।

एटमा के महानिदेशक राजीव बुद्धिराजा ने बताया कि इस प्रावधान से उनके सदस्यों को कोई दिक्कत नहीं होगी। अपोलो, बिड़ला, सिएट, गुड ईयर, फाल्कन, जे के, एमआरएफ और ब्रिजस्टोन टायर कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एटमा का कहना है कि उनके उत्पाद पहले से ही बीआईएस मानदंड के अनुरूप या उससे बेहतर हैं। सिएट टायर के ईडी (प्रोजेक्ट) टॉम थॉमस का भी यही विचार है। एआईटीडीएफ ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। संगठन के संयोजक एस पी सिंह ने बताया कि फ्लैप पर भी यही मानदंड लागू होना चाहिए। shishir.c@businessbhaskar.net





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