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यूलिप में कमीशन के खुलासे पर बीमा कंपनियों में एक राय नहीं

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी (यूलिप) बेचने के दौरान कमीशन का खुलासा करने के मुद्दे पर बीमा कंपनियां एकमत नहीं हो पा रही हैं। इस मसले पर जीवन बीमा परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक अगले महीने होने जा रही है।

हाल ही में बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीए - इरडा) ने जीवन बीमा कंपनियों को लिखा था कि वे निवेशक को यूलिप पॉलिसी देते समय यह बताएं कि जितना प्रीमियम उसने दिया है उसमें से कमीशन और प्रशासनिक खर्च कितना है। इससे पॉलिसी लेने वाले को यह पता चल सकेगा कि पॉलिसी में वास्तव में उसका कितना पैसा लग रहा है। लेकिन इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर कंपनियां आपसी सहमति नहीं बना पा रही हैं। इसलिए उन्होंने अभी तक आईआरडीए को कोई राय भी नहीं भेजी है। लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के सेक्रेटरी जरनल एस.बी. माथुर ने बताया कि सभी कंपनियां पॉलिसी दस्तावेज में कमीशन की जानकारी देने पर एकमत नहीं हैं।

इस बारे में मैक्स न्यूयार्क लाइफ के वाइस प्रेसिडेंट अभिनव राहुल ने बिजनेस भास्कर को बताया कि कंपनी इस बात के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि अगर पॉलिसी बेचने में पारदर्शिता होगी तो निवेशक को पता होगा कि किस सेवा के लिए वह कितना पैसा दे रहा है और कमीशन के बदले में क्या-क्या ले सकता है। बजाज अलांयज ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

कई अन्य कंपनियों ने भी इसपर अपनी राय व्यक्त नहीं की। वैसे एक बड़ी कंपनी के अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह से कमीशन की जानकारी देने पर इंडस्ट्री ही खत्म हो जाएगी। निवेशक कमीशन के पैसे को वापस मांगेगा। इससे पॉलिसी बेचना मुश्किल हो जाएगा। यही कारण है कि कई कंपनियां इसका विरोध कर रही हैं। उन्होंने बताया अगर यह व्यवस्था लागू ही करनी है तो सिर्फ यूलिप पर क्यों, हर तरह की बीमा पॉलिसी पर इसे लागू किया जाना चाहिए। इससे हर पॉलिसी को बाजार में एक जैसा माहौल मिलेगा। उन्होंने बताया कि अगले महीने इस मसले पर काउंसिल की एक बैठक होने जा रही है। बैठक में इस मुद्दे पर राय बनाकर आईआरडीए को प्रस्ताव भेजा जाएगा। deepak.u@businessbhaskar.net





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