बचपन ग्लोबल ने बचपन नाम से प्ले स्कूल की फ्रैंचाइजी के कारोबार में और तेज़ी लाने का फैसला किया है। कंपनी ने अगले कुछ समय में अपने कुल प्ले स्कूल की संख्या 350 से बढ़ाकर 500 तक करने की योजना तैयार की है।
कंपनी के डायरेक्टर टेक्नीकल तिजय गुप्ता ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य टियर टू और टियर थ्री शहरों को ध्यान में रखकर अपना कारोबार बढ़ाना है। अभी जितनी भी फैंचाइजी काम कर रही हैं। उनका कारोबार भी काफी अच्छा चल रहा है। प्ले स्कूल की फैंचाइजी लेने वालों से कंपनी हर महीने कुल राजस्व का 15 फीसदी रायल्टी के तौर पर भी लेगी। कंपनी की योजना इन 150 फैंचाइजी के लिए करीब 12 करोड़ रुपये के निवेश की है। उन्होंने बताया कि किसी भी इच्छुक को कंपनी से फ्रैंचाइजी लेने के लिए एकमुश्त 1.75 लाख रुपये बतौर फैंचाइजी फीस देनी होगी। इसके एवज में वह अपना ब्रांड, टीचर्स को ट्रेनिंग, बच्चों की वर्दी और स्लेबल फैंचाइजी लेने वाले को देगी। हालांकि कंपनी ने अपनी फ्रेंचाइजी देने के लिए कम से कम 1500 से 3500 वर्ग मीटर का स्पेस चाहिए। बचपन प्ले स्कूल को शुरू करने के लिए कम से कम इतना स्थान तो चाहिए है। कंपनी के मुताबिक जो भी व्यक्ति फैंचाइजी के लिए इच्छुक है। उसे जगह के अलावा उस जगह को विकसित करने के लिए 7 से 8 लाख रुपये से निवेश करना होगा।
फ्रैंचाइजी इंडिया के सीईओ ने बताया कि देश में फिलहाल प्री स्कूल में काफी अच्छा कारोबार दिखाई देता है। लोग पहले के मुकाबले अपने बच्चों को ज्यादा बेहतर शिक्षा देने पर ज़ोर दे रहे हैं और इसमें सबसे ज्यादा फैंचाइजी हो रही हैं। जो अमेरिका में फूड के साथ हुआ था, वह अब भारत में प्री स्कूल फैंचाइजी में हो रहा है। लोग पहले क्रेच में भेजते थे। लेकिन अब यह बदलकर प्री स्कूल का कॉन्सेप्ट हो गया है। इसमें प्री स्कूल कारोबार में बड़े प्लेयर 25 से 30 है और प्री स्कूल का कारोबार करीब 500 करोड़ रुपये का होगा। इसमें यूरो किड्स, किड्जी, रुम्स टू विंग्र शैमरोक और मदर प्राइड जैसे कई स्कूल काम कर रहे हैं। deepak.u@businessbhaskar.net