जनवरी 2010 में होने वाले 10वें ऑटो एक्सपो में 10 से ज्यादा ग्लोबल लांच होंगे। इससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि वैश्विक ऑटो दिग्गज कंपनियों की नजर में भारतीय बाजार की अहमियत काफी ज्यादा है।सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स (सियाम) के प्रेसीडेंट पवन गोयनका ने बताया कि ऑटो एक्सपो में 10 से भी ज्यादा ग्लोबल लांच होंगे। डेटरॉय्ट मोटर शो 11 जनवरी 2010 से शुरू हो रहा है। लेकिन, भारत की अहमियत को समझते हुए दुनिया की तकरीबन सभी दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियां इस शो में मौजूद होंगी। 10वां ऑटो एक्सपो 5-11 जनवरी तक चलेगा। सियाम के डायरेक्ट जनरल दिलीप चिनॉय ने बताया कि पहुंच के हिसाब से दिल्ली में आयोजित होने वाला ऑटो एक्सपो दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो शो होगा। इसमें करीब 2100 कंपनियां हिस्सा लेंगी। इनमें 30 देशों की 800 कंपनियां भी शामिल होंगी।
ऑटो एक्सपो स्टीयरिंग कमेटी के चेयरमैन राजीव कौल ने बताया कि विदेशी कंपनियों की भागीदारी पिछले ऑटो एक्सपो के मुकाबले 40 फीसदी बढ़ी है। ऑटो एक्सपो में पहली बार कांसेप्ट वाहनों को भी लांच किया जाएगा। इनमें टोयोटा और होंडा की छोटी कारों के कांसेप्ट भी शामिल हैं। एक्सपो में कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी के अलावा कई देशों के पवेलियन भी होंगे।
इसके अलावा अमेरिका की मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी हार्ले डेविडसन भी पहली बार एक्सपो में हिस्सा ले रही है। इसमें भारतीय ऑटो कल-पुर्जा निर्माता कंपनियों के अलावा चीन की कंपनियां भी भारी तादाद में हिस्सा ले रही हैं। कौल ने बताया कि 2008 के ऑटो एक्सपो में 1,000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुकिंग हुई थी। इस बार इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।