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झारखंड चुनाव में 36प्रतिशत उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि के

झारखंड में दूसरे चरण का चुनाव काफी दिलचस्प होगा। माओवाद प्रभावित इलाके की 14 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में जहां माओवादियों ने चुनाव का बहिष्कार कर रखा है वहीं 36 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं जो आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं। दूसरे चरण में चुनाव लड़ रहे 48 (36 प्रतिशत) उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं। इनमें 23 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके ऊपर हत्या और हत्या करने के प्रयास जैसे गंभीर आरोप हैं। दूसरे चरण में 14 सीटों के लिए कुल 239 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जिनके भाग्य का फैसला 30 लाख 96 हजार 854 मतदाता करेंगे। सूबे की 81 सीटोंमें पहले चरण में कुल 26 सीटों के लिए 25 नवंबर को मतदान हुआ था। नेशनल इलेक्शन वॉच द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को टिकट दिया है।

आल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (एजीएसयू) के 12 उम्मीदवारों में से 7 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। भाजपा के 11 उम्मीदवारों में से 5 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। राजद के 7 उम्मीदवारों में से 4 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित है और कांग्रेस के 11 उम्मीदवारों में से 4 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। एजीएसयू के सभी 7 उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा, सीपीआई (एम) के 3 और कांग्रेस, भाजपा के 2-2 उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। अध्ययन के मुताबिक दूसरे चरण में चुनाव लड़ रहे खूंटी से कांग्रेस उम्मीदवार रोशन कुमार सोरिन की है जिन्होंने अपनी परिसंपत्ति 27.11 करोड़ रुपये घोषित किया है। इसके बाद एजीएसयू के सुदेश कुमार महतो की संपत्ति है जो सिली से चुनाव लड़ रहे हैं।

महतो ने अपनी कुल संपत्ति 1.67 करोड़ रुपये घोषित की है। गिरिडीह से चुनाव लड़ रहे जेवीएम के उम्मीदवार निर्भय कुमार ने अपनी कुल परिसंपत्ति 1.61 करोड़ रुपये घोषित की है। कई उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति बहुत कम घोषित की है। इनमें दस उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी संपत्ति एक लाख रुपये से भी कम है। अध्ययन में बताया गया है कि दोबारा चुनाव लड़ रहे छह उम्मीदवारों की संपत्ति में 616 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। एजीएसयू उम्मीदवार सुदेश कुमार महतो ने 2004 के विधानसभा चुनाव में अपनी संपत्ति 7 लाख, 4 हजार रुपये घोषित किया था, जबकि 2009 में उनकी संपत्ति बढ़कर 1.67 करोड़ रुपये हो गई। इसी प्रकार दूसरी बार चुनाव लड़ रहे अन्य विधायकों खेरु महतो, चंद्रप्रकाश चौधरी, सोलखान सोरेन, अन्नपूर्णा देवी, छट्टू राम महतों की संपत्ति में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। कई उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में अपने ऊपर काफी देनदारियां घोषित की है। इनमें जेवीएम(पी) के निर्भय कुमार जो गिरिडीह से हैं। उन्होंने अपने ऊपर 53 लाख रुपया कर्ज घोषित किया है। जबकि उनकी कुल परिसंपत्ति 1.6 करोड़ रुपये हैं।

इसके बाद मंडू से चुनाव लड़ रहे भाजपा के देवनंदन सिंह ने अपने ऊपर 41 लाख रुपया कर्ज घोषित किया है। जबकि इनकी कुल परिसंपत्ति मात्र 4 लाख रुपया है। दूसरे चरण में चुनाव लड़ रहे 53 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में पैन कार्ड का विवरण नहीं दिया है। इनमें से 9 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति 25 लाख से अधिक घोषित की है लेकिन इन्होंने पैन कार्ड का विवरण नहीं दिया है। दूसरे चरण में जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है उनमें पूर्व मंत्री और एजीएसयू के अध्यक्ष सुदेश महतो के अलावा माओवादी नेता मसी चरण मुंडा शामिल हैं। मुंडा झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।





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