फिरोजाबाद में कांग्रेस की जीत से उठा बवंडर ने अंतत: कल्याण सिंह को मुलायम सिंह से अलग कर दिया। लोकसभा चुनाव से पहले सपा के मुखर महासचिव अमर सिंह की पहल पर भाजपा के पूर्व नेता कल्याण सिंह सपा प्रमुख मुलायम सिंह से जुड़े थे। लेकिन अब बहू डिंपल यादव की हार के बाद मुलायम सिंह ने कल्याण सिंह से दूरी बढ़ा ली और यह कह दिया कि सपा में उनके लिए कोई जगह नहीं है। लोकसभा चुनाव के दौरान सपा से कल्याण की नजदीकी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके बेटे राजवीर को पार्टी में पदाधिकारी बना दिया गया और स्वयं कल्याण सिंह लाल टोपी पहनकर सपा के मंचों पर दिखने लगे। मुलायम-कल्याण की इस दोस्ती से सूबे में मुस्लिम मतदाताओं की नाराजगी भी लोकसभा चुनाव में सपा को झेलनी पड़ी लेकिन उस समय मुलायम को खासा असर नहीं पड़ा। जब उनकी बहू चुनाव हारी तो उन्हें मुस्लिम मतदाता याद आने लगे और मुलायम को सार्वजनिक तौर पर कहना पड़ा कि सपा में कल्याण के लिए जगह नहीं है।
अब कल्याण भाजपा में वापसी की जमीन तलाश रहे हैं। रविवार को उन्होंने साफ कहा कि वह भाजपा को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। इससे पूर्व शनिवार को भाजपा की पूर्व नेता और भाजश अध्यक्ष उमा भारती ने भी भाजपा से थोड़ी दूरी बनाते हुए एनडीए का हिस्सा बनने के लिए लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ और शरद यादव को चिट्ठी लिखी। कल्याण, उमा के बदले तेवर से संकट से जूझ रही भाजपा को एक संजीवनी मिलती तो दिख रही है लेकिन इन नेताओं को पार्टी में वापस लेने को लेकर बहस छिड़ गई है। बताया जा रहा है कि पार्टी का एक तबका इस बात का समर्थन कर रहा है कि कल्याण और उमा को पार्टी में वापस ले लेना चाहिए तो दूसरा तबका विरोध कर रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद मुलायम के साथ एक मंच पर आने वाले कल्याण ने रविवार को मुलायम को अवसरपरस्त और धोखेबाज राजनीतिज्ञ करार दिया साथ ही यह भी कहा कि सपा प्रमुख पर भरोसा करना उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी। कल्याण ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की प्रशंसा कर भाजपा में लौटने का विकल्प भी खुला रखा। पत्रकार वार्ता में कल्याण ने भागवत का पांच बार नाम लिया और यह भी कहा कि अब भाजपा में सब ठीक हो जाएगा। कल्याण का आशय साफ है कि उन्हें भाजपा में वापस ले लिया जाए।
कल्याण सिंह की वापसी की ख्वाहिश देखकर भाजपा का एक खेमा उत्तरप्रदेश को लेकर पार्टी के भावी प्लान में उनके लिए फिर संभावनाएं देख रहा है। पार्टी महासचिव विनयकटियार ने कहा कि राम सभी को स्वीकारते हैं और कल्याण तो उनके पुराने सेवक हैं। उन्होंने पार्टी में कल्याण के लिए विशेष भूमिका होने की पैरवी भी की। हालांकि हाल के उपचुनाव में पार्टी की दुर्दशा के बाद संगठन में नई जान फूंकने के लिए भाजपा नई योजना बना रही है। कल्याण के बेटे और सपा के राष्ट्रीय महासचिव राजबीर सिंह ने भी रविवार को यह कहते हुए सपा छोड़ने की घोषणा की कि जहां उनके पिता व समर्थकों को सम्मान न हो वहां वे नहीं रह सकते।
मुलायम सिंह एक अवसरपरस्त और धोखेबाज राजनीतिज्ञ हैं, जिन पर भरोसा करना जीवन की सबसे बड़ी भूल थी। इसका मैं पश्चाताप करूंगा और भाजपा को मजबूत- कल्याण सिंहराम सभी को स्वीकारते हैं और कल्याण तो उनके पुराने सेवक हैं। अगर वह पार्टी में आते हैं तो प्रदेश में भाजपा को और मजबूती मिलेगी - विनय कटियार, भाजपा नेता