देश की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) अपने फ्लैट उत्पादों की कीमतों में 400-500 रुपये प्रति टन तक की और कमी कर सकती है। सेल के चेयरमैन सुशील कुमार रूंगटा ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में कमी के रुख को देखते हुए ही कंपनी अपने फ्लैट उत्पादों के दाम घटा सकती है।
मंगलवार को यहां एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रूंगटा ने कहा कि जल्द ही कंपनी के फ्लैट उत्पादों की कीमतों में कुछ कमी किए जाने की संभावना है। उसके बाद कीमतों में स्थिरता आ सकती है। कंपनी महीने के आखिर में कीमतों को लेकर समीक्षा करती है और उसके बाद ही मूल्यों की घोषणा करती है। उम्मीद है कि कंपनी कीमतों में कमी अगले महीने से लागू करेगी।
कंपनी ने इससे पहले नवंबर महीने में ही अपने फ्लैट उत्पादों के दामों में 750 रुपये से लेकर 1,500 रुपये प्रति टन तक की कमी की है। इसका सीधा फायदा व्हाइट गुड्स यानी महंगे टिकाऊ उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों और ऑटो कंपनियों को मिला था। अब दूसरी बार लगातार उत्पादों के दामों में कमी किए जाने से कंज्यूमर ड्यूरेबल उत्पाद और ऑटोमोबाइल कंपनियों के कच्चे माल की लागत में कमी आएगी।लांग प्रोडक्ट की कीमतों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रूंगटा ने कहा कि इन उत्पादों की कीमतों में फिलहाल स्थिरता देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार में स्टील की मांग अच्छी है और उन्हें लगता है कि कंपनी की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 8 से 10 फीसदी ज्यादा रहेगी।
फ्लैट स्टील की कीमतें फिलहाल 32,000 रुपये से लेकर 35,000 रुपये प्रति टन के बीच चल रही हैं। कीमतों में इस कमी के लिए चीन की स्टील कंपनियों की ओर से ज्यादा सप्लाई को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फ्लैट स्टील की कीमतों में 50 -60 डॉलर प्रति टन की कमी आई है।