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आत्मानुशासन से बढ़ती है आपकी एकाग्रता

मैं आत्मानुशासन के पांच स्तंभों के बारे में बात करना चाहता हूं। आत्मानुशासन के पांच स्तम्भ हैं: 1.स्वीकृति, 2.इच्छाशक्ति, 3.कठोर परिश्रम 4. उद्यम, 5. दृढ़ता। मैं हरेक स्तम्भ के बारे में समझाना चाहूंगा। आखिर क्यों यह इतना महत्वपूर्ण है और इसे किस तरह विकसित किया जा सकता है। लेकिन उससे पहले मैं आत्मानुशासन क्या है उसे बारे में बात कर लूं।



आत्मानुशासन क्या है? आत्मानुशासन आपको भावनात्मक अवस्था से निकालकर काम को अंजाम देने की दिशा में पहल करवाता है। आत्मानुशासन के बगैर आपका उद्देश्य कभी भी ध्येय में नहीं बदल सकता है। आप अगर अपना मोटापा कम करना चाहते हैं और कोई एक लक्ष्य तय करते हैं कि मुझे इतना किलो वजन कम करना है। आप अपने इस लक्ष्य को बगैर आत्मानुशासन के कभी भी पूरा नहीं कर सकते हैं। आत्मानुशासन के बगैर यह महज एक खानापूर्ति की तरह होगा। आप आत्मानुशासन के शिखर पर जब पहुंचते हैं तब आप चेतना संपन्न होकर उसे पूरा करने में लग जाते हैं। यह सफलता की गारंटी देता है, इसका अनुसरण करके तो देंखे। दरअसल आत्मानुशासन आपके व्यक्तिगत विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।आत्मानुशासन में बंधने मात्र भर से आपकी किसी समस्या का हल नहीं मिल जाता है। समस्या का समाधान पाने के लिए आपको दूसरों रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। आपकी सफलता में इसका आंशिक महत्व तो निश्चित तौर पर है। यह आपको अराजकता से बाहर निकालती है। यह आपके पूर्वाग्रहों को दूर करती है। यह आपको काम की उपेक्षा नहीं करने देती है। इन सब वजहों से आप समस्या को दूर कर पाते हैं। सामन्यत: आत्मानुशासन का कोई जोड़ नहीं है।



सफलता पाने में काम के प्रति उत्तेजना, लक्ष्य निर्धारण और योजना की तरह यह भी एक महत्वपूर्ण टूल्स की तरह है।
आत्मानुशासन की निर्माण-प्रकिया : मेरे दृष्टिकोण में आत्मानुशासन की निर्माण-प्रक्रिया को उपमा या उदाहरणों के जरिये समझा जा सकता है। आप इस तरह का कोई उदाहरण लेना शायद पसंद करेंगे, जिसका आपके व्यावहारिक जीवन से नाता हो। आप अपने दफ्तर या पेशे में आठ घंटा ढंग से काम करना चाहते हैं। निश्चित तौर पर आप ऐसा अगर कर सकते हैं तो इससे आपके कैरियर की उठान में बहुत फर्क पड़ेगा। बहुत सारे शोधों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपनी क्षमता का आधा भी अपने काम को अंजाम देने में नहीं लगा पाता है। इसकी वजह आप मुझसे बेहतर समझ पा रहे होंगे। बहुत सारा समय आप अपने दफ्तर में बातचीत में बिता देते हैं इसलिए काम को कम समय में बेहतर तरीके से पूरा करने की पूरी-पूरी गुंजाइश है। आप काम के दौरान इधर-उधर बहुत ज्यादा भटकते हैं। आत्मानुशासन आपको बांधने का काम करता है। वह आपका ध्यान केंद्रित करता है और इसके जरिए आप समय प्रबंधन के गुर भी धीरे-धीरे सीख जाते हैं। (जारी)





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