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महाराष्ट्र संकट : 48 घंटे में सुलह के संकेत

महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के बीच चल रहा झगड़ा गुरुवार तक सुलझ जाएगा। दोनो दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रही वार्ता के मद्देनजर यह माना जा रहा है कि अब नई सरकार के गठन में दोनो दल कोई देरी नहीं करेगे। बुधवार को देर रात दोनो दलों के प्रमुख नेताओं के बीच मंत्रणा का दौर जारी रहा और समझा जा रहा है कि नई सरकार का गठन किसी भी समय हो सकता है।



चुनाव नतीजे आने के 14 दिन बाद भी नई सरकार के गठन के देरी को देखते हुए भाजपा-शिवसेना ने सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने राज्य में भ्8 घंटे के भीतर नई सरकार के गठन का भरोसा दिलाया है। इससे पहले, राज्यपाल एससी जमीर ने कांग्रेस और एनसीपी नेताओं से जनादेश का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द नई सरकार का गठन करने को कहा था। एनसीपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के गुरुवार तक खत्म हो जाने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि दोनो दलों के नेताओं के बीच मंत्री पद को लेकर लगभग सहमति बन गई है बस इसको अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।



मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे पर चर्चा के लिए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से चर्चा करने के लिए पार्टी विधायक दल के नेता छगन भुजबल, पार्टी के राज्य अध्यक्ष आरआर पाटिल और अजित पवार देर रात दिल्ली पहुंचे। माना जा रहा है कि गुरुवार को इस बारे में घोषणा कर दी जाएगी। बुधवार को राज्य मंत्रालय में तीन बैठकों के बाद अशोक चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस-एनसीपी नेताओं के बीच चर्चा जारी है और विभागों के बंटवार को लेकर जल्द ही आम सहमति बन जाएगी।



सरकार गठन में देरी को देखते हुए शिवसेना-भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात की और सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। भाजपा नेता एकनाथ खडसे ने कहा कि नई सरकार न बनने से कई फैसले रुके हुए हैं। मुंबई के नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति भी लंबित है।





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