|
||||||||||
चीन ने अरुणाचल स्थित तवांग क्षेत्र की यात्रा पर आ रहे तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा पर आरोप लगाया है कि वे उसके और भारत के संबंधों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उसने दलाई लामा की इस यात्रा को अलगाववादी कदम करार दिया है। दलाई लामा इस समय जापान में हैं। इस माह की 8 तारीख को उनकी तवांग बौद्ध धर्मस्थली की यात्रा निर्धारित है। इस बीच भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने चीन की आपत्ति पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा है कि दलाई लामा हमार सम्मानित अतिथि हैं और इस लिहाज से देश में कहीं भी आ जा सकते हैं।
चीन इससे पहले भारत से इस यात्रा को रोकने की नाकाम अपील कर चुका है। चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे भारत सीमा के पूर्वी हिस्से (अरुणाचल प्रदेश) को लेकर अपने रुख पर कायम हैं। वे दलाई लामा द्वारा की जा रही इस क्षेत्र की यात्रा का मजबूती से विरोध करते हैं। दलाई लामा की यह यात्रा चीन-विरोधी व अलगाववादी प्रवृत्ति की है। मंत्रालय के प्रवक्ता मा झाओक्सू ने कहा कि लामा अन्य देशों के साथ चीन के रिश्ते खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि भारत की नई रोजगार वीजा नीति से चीनी कंपनियों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। भारत सरकार को इस पर उचित कदम उठाना चाहिए। चीन डेली के मुताबिक यह नीति भारत के ऊर्जा, दूरसंचार व पेट्रोलियम क्षेत्र में सक्रिय चीनी कारोबारियों व करीब फ्म्,क्क्क् श्रमिकों के अनुकूल नहीं है। नई नीति के तहत बिजनेस वीजा पर काम कर रहे विदेशी श्रमिकों को ज्यादा समय काम करने में दिक्कतें आ रही हैं।