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हजार करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन के आरोपों से घिरे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को मंगलवार को हाई ब्लड प्रेशर व पेट में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इस दौरान कोड़ा और उनके सहयोगियों के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग के छापे जारी रहे। आयकर अधिकारियों पर यदि भरोसा किया जाए तो कोड़ा ने सरकारी योजनाओं से भी अवैध कमाई करने में कोई कोताही नहीं बरती। पिछले त्तफ् घंटों से आयकर व प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी कोड़ा से पूछताछ कर रहे थे। वे इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोड़ा की तबीयत वाकई खराब है या पूछताछ से बचने के लिए उन्होंने बीमारी का स्वांग रचा है। कोड़ा पर वैसे भी जांच में सहयोग न करने का आरोप है। अबुर रज्जाक मेमोरियल वीवर्स हास्पिटल के प्रवक्ता जावेद अख्तर के अनुसार, त्नकोड़ा को दोपहर में आईसीयू में भर्ती किया गया है।
डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। पैथालॉजिकल रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी बीमारी का सही पता लग पाएगा।त्न एक डॉक्टर ने बताया कि हफ्ताभर पहले ही कोड़ा को किडनी का उपचार देकर अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था। आयकर विभाग के अधिकारियों का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में सरकार प्रायोजित ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में अपने करीबियों के जरिये निवेश किया था और इससे 30 करोड़ रुपये की कमाई की। लखनऊ में जब्त दस्तावेज के आधार पर आयकर विभाग का दावा है कि कोड़ा ने लखनऊ में 150 करोड़ रुपये के ग्रामीण विद्युतीकरण ठेके से 30 करोड़ रुपये कमाए। इसके अलावा कोड़ा ने प्रमुख ग्लास मैन्युफैक्चरिंग कंपनी इंडो असाही में भी 22 करोड़ का निवेश किया था जो उन्होंने झारखंड के मंत्री और मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अवैध तरीके से कमाए थे।
आयकर अधिकारियों का कहना है कि ग्लास कंपनी को यह राशि नवगठित वित्तीय कंपनी अंजनी पुत्र इस्पात लिमिटेड और क्रिएटिव फिस्कल सर्विसेज के जरिये कोड़ा ने पहुंचाई थी। ब्8 वर्षीय कोड़ा के नौ शहरों में स्थित त्तक् ठिकानों पर शनिवार को छापे मारे गए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने पंद्रह दिन पहले उनके खिलाफ अरबों रुपए के हवाला लेनदेन में शामिल होने का मामला दर्ज किया था।