पहले चरण में सेल की 5फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
हरवीर सिंह नई दिल्ली
Monday, October 26, 2009 01:46 [IST]
केंद्र सरकार स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के विनिवेश के पहले चरण में अपनी पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। इस प्रक्रिया में कंपनी पांच फीसदी नई इक्विटी जारी करेगी। केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने बिजनेस भास्कर के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि लौह अयस्क के निर्यात को भी सीमित किया जाना चाहिए। केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने बिजनेस भास्कर से बातचीत में साफ किया कि सेल में सरकार 20 फीसदी हिस्सेदारी नहीं बेचने जा रही है। बल्कि सरकार दो चरणों में दस फीसदी हिस्सेदारी शेयर बाज़ार में बेचेगी। इसमें पांच फीसदी का विनिवेश पहले चरण में होगा। इसके साथ ही कंपनी पांच फीसदी नई इक्विटी भी जारी करेगी।
अगर कंपनी के शेयर वर्तमान कीमतों पर जारी किए जाते हैं तो इससे करीब 8,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसमें से 4,000 करोड़ रुपये कंपनी के खाते में और बाकी 4,000 करोड़ रुपये सरकार को मिलेंगे। सेल को अपनी विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए फिलहाल फंड की जरूरत है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने बांड बाज़ार से रकम जुटाई थी। कंपनी को 2012 तक अपनी उत्पादन क्षमता को 1.4 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.6 करोड़ टन सालाना करना है। कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 85.82 फीसदी है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर बांबे स्टॉक एक्सचेंज में 182 रुपये पर बंद हुआ। इस्पात मंत्री ने लौह अयस्क के निर्यात पर कहा कि ऐसा नहीं है कि देश से लौह अयस्क कभी खत्म नहीं होगा। इसलिए इसके निर्यात पर रोक लगाना जरूरी है। चालू साल के पहले छह महीनों में 3.65 करोड़ टन लौह अयस्क का निर्यात हो चुका है।
सरकार ने लौह अयस्क निर्यात को सीमित करने के लिए लम्स पर पांच फीसदी का निर्यात शुल्क भी लगाया था। इसके बावजूद भी इसका निर्यात बढ़ा है। सिंह ने कहा कि चीन जैसे देशों में लौह अयस्क की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। चीन अपने लौह अयस्क को इस्तेमाल नहीं करता और न ही उसका निर्यात करता है। हमें भी स्टील उत्पाद बनाकर उनका निर्यात करना चाहिए, न कि लौह अयस्क का। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक लौह अयस्क निर्यात को सीमित करने के लिए कई बार में वाणिज्य मंत्रालय को लिखा जा चुका है। लेकिन लौह अयस्क निर्यातकों के दबाव और निर्यात लक्ष्य के दबाव के चलते वाणिज्य मंत्रालय इसपर ज्यादा ध्यान नहीं देता है।harvir@businessbhaskar.net