नक्सलियों के लगातार हो रहे हमले से आहत केंद्र सरकार अब निर्णायक जंग की तैयारी कर रही है। गुरुवार को आंतरिक सुरक्षा को लेकर कैबिनेट की कमेटी की बैठक में नक्सल समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नक्सल समस्या से शीघ्र निपटने वाले उपायों पर बल दिया गया। बैठक में नक्सली समस्या के हालात का जायजा लिया गया तथा उससे निपटने के उपायों पर चर्चा हुई। इस बैठक में भारतीय वायुसेना को नक्सलियों पर गोली चलाने की इजाजत देने या नहीं देने पर कोई चर्चा नहीं हुई क्योंकि यह मुद्दा फिलहाल रक्षा मंत्रालय के पास लंबित है।
सूत्रों का कहना है कि नक्सलियों द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों को केंद्र ने गंभीरता से लिया है और इससे निपटने के राज्यों को भी विशेष निर्देश दिए जाने पर बल दिया गया। छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल में लगातार बढ़ रहे नक्सलियों के प्रभाव को कम करने के लिए केंद्र इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अलग से मंत्रणा कर शीघ्र कोई निर्णायक जंग की मुहिम भी शुरु की जा सकती है।
वायुसेना करेगी मुकाबलानक्सलियों के बढ़ रहे लगातार प्रभाव को खत्म करने के लिए वायुसेना भी विशेष अभियान चलाएगी। वायुसेना का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में वह अपने हेलीकाप्टरों एवं इस पर सवार सेनाकर्मियों की रक्षा के लिए कमांडों इकाई तैनात करेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि वह माओवादियों के खिलाफ रैंबो की तरह कोई अभियान नहीं चलाएगी। वायुसेना प्रमुख पीवी नाइक ने कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में बचाव अभियानों में लगे हेलीकाप्टर पर गरुड विशेष बल उपस्थित रहेगा और नक्सलियों के हमलों से अपने कर्मियों एवं उपकरणों की रक्षा करेगा।
सड़क मार्ग भी होगा दुरुस्त छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र की सड़क परियोजनाओं पर यदि सूबे के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अमल हुआ तो बारूदी सुरंगें बिछाना नक्सलियों के लिए बीते दिनों की बात हो जाएगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रमन सिंह के सुझाव पर सहमति जताते हुए पहले चरण में 111 किमी लंबे कोंटा-सुकमा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 221 पर खास तरह की सड़क संबंधी 446 करोड़ रुपए की परियोजना को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कुल ख्स्त्रस्त्र8.भ्क् किमी सड़क बनाने के लिए फ्स्त्रख्9.त्तक् करोड़ रुपए की परियोजना केंद्रीय मंत्री को सौंपी है।
छत्तीसगढ़ में बीएसएफ छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में बड़ा अभियान शुरू करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जोरदार तैयारी कर रहा है। इसके तहत अर्धसैनिक बल ने नवंबर की शुरुआत में पहले से तय 5000 और उसके कुछ माह बाद 10 हजार जवानों को छत्तीसगढ़ भेजने का फैसला लिया है।