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सादगी
के राजनीतिक महापर्व में विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर का गैरजिम्मेदाराना बयान कांग्रेस और यूपीए सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मितव्ययिता के नाम पर इकोनॉमी क्लास की यात्रा कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने जिस सादगी अभियान की शुरुआत की। इससे राजनीतिक लाभ मिलता देख अन्य कांग्रेसी भी साथ हो लिए। लेकिन केरल आकर चुनाव लड़ने से पहले अमेरिका में रचे-बसे रहे थरूर ने विमान के इकोनामी क्लास में यात्रा करने वालों को कैटल-क्लास का यात्री कहकर पार्टी और सरकार के सादगी-अभियान की पोल खोल दी है। जिस सरकार के मंत्री को भारत का खाता-पीता मध्यवर्ग भी कैटल क्लास नजर आ रहा हो, उसका भला देश की गरीबी और अन्य समस्याओं के प्रति क्या रवैया होगा।
थरूर का यह बयान ऐसे समय आया है कि जब सरकार अपने खर्चे कम करने की कवायद में जुटी हुई है। कांग्रेस आलाकमान अपने मंत्रियों और पार्टी नेताओं को सादगी का संदेश देने में जुटी हुई हैं। वैसे समय में थरूर का बयान सादगीपसंद जीवन शैली पर भारी पड़ रहा है। देश की जनता भी अब यह सवाल कर रही है कि अगर हवाई जहाज के इकोनॉमी क्लास के यात्री गाय-भैंस हैं तो ट्रेन और बस में सफर करने वाले यात्रियों को किस श्रेणी में रखा जाए। अगर आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अगस्त माह में 36 लाख 30 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की, जबकि जुलाई माह में 35 लाख लोगों ने हवाई यात्रा की। पहले सांसद फिर मंत्री बने थरूर को राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वह तो राजनीति में कांग्रेस की कृपा से आ गए और मंत्री भी बन गए। लेकिन सादगी उन्हें पसंद नहीं है। इसलिए पंचसितारा सुविधाएं उन्हें पसंद हैं।
थरूर के बयान के बाद बचाव में आई कांग्रेस के पास भी कुछ कहने के लिए कुछ खास नहीं है। इसलिए वह थरूर के बयान को स्वीकार नहीं कर रही है। कांग्रेस थरूर का बचाव भी नहीं कर रही है और इस मुद्दे पर बहुत अफसोस भी नहीं जता रही है जबकि भाजपा इस मसले पर प्रधानमंत्री से जवाब मांग रही है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष ने थरूर के इस बयान को काफी गंभीरता से लिया है लेकिन उनके ऊपर किसी प्रकार की कार्रवाई होगी या नहीं इस पर संदेह जताया जा रहा है। पार्टी प्रवक्ता जयंती नटराजन का कहना है कि यह बयान निंदा के लायक है और थरूर के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई का फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है। भाजपा का कहना है कि थरूर का बयान देश के करोड़ों लोगों का अपमान है जो सामान्य श्रेणी में सफर करते हैं। पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी का कहना है कि प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ऐसे विषयों को संजीदगी से लेते रहे हैं। पार्टी चाहती है कि प्रधानमंत्री जनता के सामने स्थिति को स्पष्ट करें।