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हेलीपैड व ग्रेहाउंड फोर्स से शुरू होगा नक्सल विरोधी अभियान

अगले महीने के अंत तक विशेष नक्सल-विरोधी अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र और सम्बद्ध राज्यों ने कई रणनीतिक मुद्दों पर ठोस फैसले किए हैं। नक्सल-प्रभावित राज्यों में आधारभूत संरचना, खासतौर पर सड़कों और आवागमन के अन्य साधनों के निर्माण आदि पर 7800 करोड़ की राशि मंजूर की गई गई है। नक्सलियों के खिलाफ नए अभियान में कुछ इलाकों में हवाई-हमलों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के खास इलाकों में हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं।



ये हेलीपैड सुरक्षा बलों की शीध्र तैनाती में भी सहायक होंगे। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता एस एन प्रधान ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है। प्रधान ने बताया कि राज्य के पलामू और चतरा में हेलीपैड निर्माण किया जाएगा। उच्चस्थ सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में इस तरह के निर्माण किए जा रहे हैं। देश के आठ राज्यों-आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, मध्य प्रदेश और बंगाल इस वक्त नक्सली या माओवादी प्रभाव से खास तौर पर ग्रस्त हैं। इन राज्यों के 180 से अधिक जिलों में नक्सलवादियों की खासतौर पर सक्रियता है। हाल ही में केंद्र द्वारा बुलाई मुख्यमंत्रियों की बैठक में इस बार नक्सल-विरोधी रणनीति पर ठोस सहमति बनी है। समझा जाता है कि अक्तूबर के अंत या नवम्बर की शुरुआत में नक्सलियों के खिलाफ तीखा अभियान कई राज्यों में एक साथ चलाया जाएगा।



उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों ने आंध्र प्रदेश की तर्ज पर नक्सलवादियों के खिलाफ ग्रे-हाउंड फोर्स जैसे खास स्क्वायड के गठन का फैसला किया है। राज्य पुलिस के अधिकृत सूत्रों ने त्नबिजनेस भास्करत्न को बताया कि मिर्जापुर में इस खास स्क्वाय़ड का मुख्यालय रखा जाएगा। इनकी तैनाती चंदौली, सोनभद्र और वाराणसी के कुछ इलाकों में की जाएगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह केंद्र की नई नक्सल-विरोधी रणनीति से पूरी तरह संतुष्ट हैं। वहां भी सड़क-निर्माण, कनेक्टिविटी के विस्तार और बेस कैम्पों के पास हेलीपैड बनाने जैसी योजनाओं पर काम में तेजी आएगी।





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