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पाकिस्तान
के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को देशद्रोह की कार्रवाई से बचाने के लिए ब्रिटेन ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान में पूर्व ब्रिटिश उच्चायुक्त मार्क ग्रांट ने इसी सिलसिले में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रमुख विपक्षी दल पीएमएल-एन के प्रमुख नवाज शरीफ से बुधवार को मुलाकात की है। पिछले माह सुप्रीम कोर्ट ने मुशर्रफ द्वारा नवंबर 2007 में लागू किए गए आपातकाल को अवैध करार दिया था और उसके बाद से यह संभावना जाहिर की जा रही है कि सरकार पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ देशद्रोह की कार्रवाई भी कर सकती है।
इन दिनों ब्रिटिश विदेश विभाग में राजनीतिक मामलों के महानिदेशक ग्रांट ने जरदारी तथा शरीफ से चर्चा की है। शरीफ की पार्टी मुशर्रफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर दबाव बना रही है। ऐसे संकेत हैं कि शरीफ मान गए हैं कि वे मुशर्रफ के खिलाफ ऐसे किसी कदम के लिए दबाव नहीं बनाएंगे जिससे सेना अपने पूर्व जनरल के समर्थन में मोर्चा खोले।
पुलिस जनरल मुशर्रफ को स्वदेश लौटते ही गिरफ्तार कर सकती है। मुशर्रफ के खिलाफ पुलिस ने राष्ट्रपति रहते 60 जजों को बंधक बनाने के सिलसिले में मंगलवार को मामला दर्ज कर लिया है। अखबार त्नद न्यूजत्न के मुताबिक मुशर्रफ के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले सरकार में उच्च स्तर पर चर्चा हुई है।