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केनेडी सेंटर.
अमेरिका के अंतरिक्ष यान एंडेवर को कई मुश्किलों के बाद आखिरकार नासा ने सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया है। इससे पहले खराब मौसम और ईंधन के रिसाव की वजह से केनेडी अंतरिक्ष केंद्र से इस यान का प्रक्षेपण पांच बार टालना पड़ा था।
इस बार छठे प्रयास में नासा ने एंडेवर को अंतरिक्ष में स्थापित कर दिया है। इस यान में भेजे गए अंतरिक्ष यात्री 11 दिन तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में रहेंगे और जापानी शोध प्रयोगशाला पर कुछ महत्वपूर्ण कार्र्यो को अंजाम देंगे। एंडेवर के प्रक्षेपण को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। इस मिशन से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि गुरुवार तक एंडह्येवर को अंतरिक्ष में भेजने में सफलता नहीं मिलती तो इसमें एक महीने से भी ज्यादा वक्त तक इंतजार करना पड़ सकता था।
एंडेवर के प्रक्षेपण के वक्त इस अभियान के लांच निदेशक पीट निकोलेंको ने मौसम के ठीक होने की पुष्टि करते हुए शुभकामनाएं देते हुए यान को विदा किया। उनकी शुभकामनाओं के जवाब में मिशन के कमांडर मार्क पोलंस्की ने कहा, ‘हम जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपने साथ हम आप सभी को एक शानदार अभियान पर ले जाने वाले हैं।’
इस यान में सात लोगों की टीम गई है। इसमें अमेरिका के छह और कनाडा की एक महिला यात्री सवार हैं। कनाडा की महिला यात्री यान की रोबॉटिक आर्म को चलाने का जिम्मा संभालेंगी। शुक्रवार को इन यात्रियों के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पहुंचने के साथ ही कुल लोगों की संख्या 13 हो जाएगी। यह संख्या अपने आपमें एक रिकॉर्ड है। इस अभियान में आगे बढ़ते हुए ये अंतरिक्ष यात्री वहां स्थित जापानी प्रयोगशाला ‘किबो’ में एक प्लेटफॉर्म जोड़ेंगे। इसका इस्तेमाल उन सभी प्रयोगों में किया जाएगा, जहां पदार्थो को अंतरिक्ष के वातावरण में रखने की जरूरत होती है। इस दौरान यात्री रखरखाव का काम भी करेंगे।
एंडेवर के जरिए अंतरिक्ष स्टेशन गए अमेरिकी यात्री टिम कोपरा आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। टिम लंबे समय तक अंतरिक्ष स्टेशन में रहेंगे। इस अभियान में जापान के कोइजी वकाटा को वापस लाया जाएगा। कोइजी तीन महीने से भी ज्यादा वक्त से अंतरिक्ष केंद्र में काम कर रहे हैं। बीते वक्त के साथ ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र का आकार बढ़ता जा रहा है। अब इसका आकार फैलकर चार कमरों वाले घर जितना बड़ा हो गया है।
पिछले एक दशक से इसका निर्माण कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य में 16 देश मिलकर काम कर रहे हैं और इस पर लगभग 4800 करोड़ रुपये (100 अरब डॉलर) खर्च किए जा रहे हैं। एंडेवर के रूप में अंतरिक्ष में जाने वाली यह 127वीं उड़ान थी। इसमें से सिर्फ एंडेवर ने ही 23वीं बार उड़ान भरी है। वर्ष 2009 में एंडेवर को तीसरी बार अंतरिक्ष में भेजा गया है लेकिन अगले साल यानी 2010 में इस यान की सेवाएं लेनी बंद कर दी जाएंगी।