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Arth Jagat Arth Jagat जयपुर। गर्मियों की छुट्टियों में विदेश भ्रमण करने वाले राजस्थान के पर्यटकों ने स्वाइन फ्लू के डर से या तो यात्रा स्थगित कर दी है या रद्द कर दी है। वहीं, कई पर्यटक अब अमेरिका और यूरोप के बजाय ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड को प्राथमिकता दे रहे हैं।
जयपुर के टूर ऑपरटर प्रशांत कोठारी ने बताया कि अमेरिका समेत कई देशों में स्वाइन फ्लू के फैलने से राजस्थान से विदेश भ्रमण पर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में बीस-पच्चीस फीसदी की कमी आई है। उन्होंने बताया कि गर्मियों के सीजन के दौरान अकेले जयपुर से ही हर महीने करीब दो हजार पर्यटक यूरोप, अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों की यात्रा पर जाते हैं। इस साल भी बड़ी संख्या में राजस्थानी पर्यटकों ने अमेरिका, यूरोप और कनाडा घूमने की योजना बनाई थी, लेकिन स्वाइन फ्लू फैलने की खबरों से पर्यटक सहम गए हैं। इस वजह से कई पर्यटकों ने घूमने का इरादा ही छोड़ दिया है। वहीं, कई अन्य पर्यटकों ने कार्यक्रम को आगे खिसका दिया या ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड का घूमने का इरादा बना लिया है।
उन्होंने बताया कि थाईलैंड के प्रति क्रेज बढ़ने का एक कारण यह भी है कि इस समय वहां पर होटलों का किराया काफी कम है, क्योंकि मंदी और थाईलैंड में राजनीतिक उठापठक के कारण इस साल थाईलैंड पहुंचने वाले अमेरिकी और यूरोपीय पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है। इसके अलावा थाईलैंड का विमान किराया कम होने से भी मध्यम श्रेणी के घरलू पर्यटक थाईलैंड घूमने में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि घरलू पर्यटकों के मन से स्वाइन फ्लू का डर निकलने में अभी कम से कम एक महीना और लगने की संभावना है। जयपुर के एक अन्य टूर ऑपरटर अभय चौरड़िया ने बताया कि सबसे ज्यादा टिकट अमेरिका और कनाडा के रद्द कराए गए हैं। यूरोप जाने वालों की संख्या में भी कमी आई है। यह सिलसिला कुछ दिन और जारी रहने की संभावना है।
भारत में स्वाइन फ्लू से लड़ने की तैयारी मजबूत भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए मंत्रालय के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में त्नस्वाइन फ्लूत्न में प्रभावी दवा त्नऑसेल्टामिविरत्न पहुंचा दी है। इसके अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी त्नऑसेल्टामिविरत्न दवा के 2,000 कैप्सूल उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिससे त्नस्वाइन फ्लूत्न के मामले सामने आने की स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। भारत में अभी तक 80 व्यक्तियों के खून की जांच की गई है और सिर्फ एक में त्नस्वाइन फ्लूत्न का वायरस पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक त्नस्वाइन फ्लूत्न के मरीजों की संख्या 11,034 हो गई है। त्नस्वाइन फ्लूत्न का वायरस अब तक 41 देशों में फैल चुका है और 85 मौतें हो चुकी हैं। अमेरिका में सबसे अधिक 5,710 मामले दर्ज किए गए हैं। जापान में त्नस्वाइन फ्लूत्न के मरीजों की संख्या 259 हो गई है। अब तक त्नस्वाइन फ्लूत्न से सबसे अधिक 75 मौतें मैक्सिको में हुई हैं और अमेरिका में आठ मौतें हो चुकी हैं।