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जोधपुर
जिले में एक मिग-27 लड़ाकू विमान शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में छह मजदूर और एक बच्चा घायल हो गया। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी ले. कर्नल एनएन जोशी ने बताया कि विमान लूनी के कोंकणी गांव में सुबह करीब 8.10 बजे गिरा। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले ही पायलट स्क्वाड्रन लीडर काकपिट से पैराशूट के जरिये सुरक्षित कूद गया था।
उन्होंने बताया कि विमान उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही एक खेत में निर्माणाधीन मकान पर गिर पड़ा। स्क्वाड्रन लीडर पंकज धवन ने सुबह करीब आठ बजे मिग-27 से उड़ान भरी थी। सालावास गांव के पास तकनीकी खराबी आ जाने से पायलट ने विमान की दिशा बदली और पैराशूट से छलांग लगा दी। पायलट के कूदते ही विमान के इंजन में आग लग गई। वह हाईटेंशन लाइन के तारों से टकराता हुआ खेत में जा गिरा। विमान के मलबे के साथ आग की लपटें भी आसपास फैल गईं। भारतीय वायुसेना को हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एसपी (देहात) शरत कविराज ने बताया कि हादसे में सात लोग घायल हुए हैं जिसमें एक दो वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
पिछले कई हफ्तों से दुर्घटनाग्रस्त होने वाले विमानों में वायुसेना का यह दूसरा लड़ाकू विमान है। इससे पहले 30 अप्रैल को जैसलमेर के पास एक सुखोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वायुसेना का इस वर्ष चार विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है जिसमें पहला विमान सूर्य किरण एयरोबेटिक्स टीम का था। बिदर में 21 जनवरी को इसके दुर्घटनाग्रस्त होने के तत्काल बाद उसी दिन हाशिमारा में एक मानवरहित विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।