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मुंबई हमलों के मुख्य अभियुक्त अजमल आमीर कसाब के नाबालिग होने के दावे पर शनिवार को अदालत का फैसला आने की संभावना है। इसके बाद मुकदमे की दिशा तय होगी। अभियोजन पक्ष की दलील पर न्यायाधीश एमएल टहलियानी ने कसाब की उम्र तय करने का आदेश दिया था। अभियुक्त ने दावा किया था कि उसकी उम्र 18 साल से कम है, इसलिए विशेष अदालत में उस पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। बुधवार को इस संबंध में विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने अपराध जांच प्रयोगशाला और अन्य सबूत पेश करते हुए यह साबित करने की कोशिश की थी कि कसाब नाबालिग नहीं है। पांच गवाहों के बयान तथा हड्डी और दांतों की जांच से पता चला था कि कसाब की उम्र 20 साल है।
गौरतलब है कि बाल न्याय कानून (ज्यूवेनाइल जस्टिस एक्ट) के तहत दोषी करार दिए जाने पर अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन अगर कसाब इस दायरे में नहीं आता है तो उसे आजीवन कारावास से लेकर मौत की सजा तक हो सकती है। कसाब पर 166 लोगों को मौत के घाट उतारे जाने और दर्जनों अन्य को धायल करने का आरोप है। कसाब के साथ फहीम अंसारी और साउबुदीन पर भी मुकदमा चलाया जा रहा है। इन दोनों पर आतंकी हमलों के लिए जगह व मानचित्र तैयार करने का आरोप है। कथित तौर पर यह मानचित्र लश्कर ए तैयबा के आतंकियों को सौंपा गया था जिन्होंने मुंबई पर हमले किए। अभियोजन पक्ष ने कसाब और दो अन्य के खिलाफ पहले ही चार्ज शीट दायर कर दी है लेकिन अदालत द्वारा उसकी उम्र तय करने के बाद ही उसके खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे। अभियोजन ने अदालत से कहा है कि वह कसाब और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 100 प्रत्यक्षदर्शियों को पेश कर सकता है।