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केरल में माकपा के सचिव और ताकतवर नेता पिनरई विजयन के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में सीबीआई जांच के फैसले से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी में बड़ा संकट पैदा हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन इस मुद्दे पर पार्टी-लाइन से सहमत नहीं हैं। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व विजयन को बचाना चाहता है पर अच्युतानंदन का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर समझौते के पक्ष में नहीं हैं। अदालत के आदेश पर विजयन के खिलाफ सीबीआई जांच का प्रस्ताव है तो इसके रास्ते में उनकी सरकार बाधा क्यों बने।़ दूसरी तरफ केरल की माकपा इकाई के सचिव विजयन ने इस मामले में मुख्यमंत्री की टिप्पणी को उनका निजी बयान बताया और कहा कि पार्टी इस बात पर अडिग है कि जांच एजेंसी का यह कदम राजनीतिक दुर्भावना से उठाया गया है।
नव केरल मार्च का नेतृत्व कर रहे विजयन ने कहा कि माकपा का एएसनसी-लवलीन मामले में रुख बिल्कुल साफ है। इस बीच पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार, उपभोक्तावाद और अनैतिकता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पार्टी पोलित ब्यूरो आगामी लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा करेगा और देश के सभी नेताओं के लिए सुधारात्मक कार्यक्रम को अंतिम रूप देगा। सूत्रों ने बताया कि पोलित ब्यूरो द्वारा तैयार मसौदा प्रश्नावली पर सभी सदस्यों की आय, जाति, धर्म, जीवनशैली और शादी करने तक का ब्योरा मांगा जाएगा। यह फैसला हालांकि पार्टी की कोयंबटूर बैठक से पहले किया गया था लेकिन अब इस पर क्रियान्वयन ऐसे समय में किया जा रहा है जब विजयन मामले से पार्टी की घोर फजीहत हुई है।